पुलवामा हमले के बाद सेना की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस, जानें खास बातें

चैतन्य भारत न्यूज।

नई दिल्ली।  पुलवामा हमले के बाद भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकियों की मदद करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मदद की गई तो सुरक्षा एजेंसियां उन्हें नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने कहा कि कश्मीर में कितने गाजी आए और चले गए।इस दौरान उन्होंने बताया कि 100 घंटे में जैश के आतंकियों को मार गिराया। उन्होंने कश्मीर के नौजवानों की मां से अपील की है कि बेटे को समझाएं कि घर वापस आ जाए। नहीं तो हम कार्रवाई करेंगे।

तीन आतंकियों का किया एनकाउंटर

बता दें कि कल की मुठभेड़ में जैश के तीन आतंकियों को सेना ने मार गिराया है। कश्मीरियों की प्रताड़ना के सवाल पर कहा कि यह प्रोपोगेंडा है और बिना सबूत के आरोप लगाए गए हैं।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में चिनार कॉर्प्स के लेफ्टिनेंट जनरल केजीएस ढिल्लन, श्रीनगर के आईजी एसपी पाणी, सीआरपीएफ के आईजी जुल्फिकार हसन और जीओसी विक्टर फोर्स के मेजर जनरल मैथ्यू शामिल थे।

सुरक्षाबलों ने कहा…

  • काफिले के दौरान ट्रैफिक के नियमों को बदला जाएगा।
  • आतंकी बहुत सी घटनाओं को अंजाम देना चाहते हैं, लेकिन हम उन्हें रोक देते हैं।
  • ठंड और खराब मौसम के कारण घुसपैठ की घटनाएं बढ़ी हैं, जिन्हें हम रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
  • कश्मीर के युवाओं से कहना चाहते हैं कि बंदूक नहीं उठाएं। अगर आप बंदूक उठाएंगे तो मार दिए जाएंगे।
  • कामरान ने पुलवामा में हमला करवाया था। उस घटना के दौरान गाड़ी में विस्फोटक था।
  • पिछले साल हमने 250 से ज्यादा आतंकियों को मारा।
  • हम किसी भी नागरिक को परेशान नहीं कर रहे। किसी को प्रोपेगैंडा नहीं फैलाना चाहिए।
  • हम आतंकियों को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास करते हुए उनकी योजनाओं को विफल कर रहे हैं।

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