जामिया विवाद: धरने पर बैठीं प्रियंका गांधी, कहा- सरकार ने संविधान और छात्रों पर हमला किया

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहा है। रविवार रात को ही दिल्ली के जामिया इलाके में जमकर हिंसा और विरोध प्रदर्शन हुआ। साथ ही जामिया मिलिया विश्वविद्यालय में भी इस कानून के खिलाफ मचे घमासान के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी। जामिया में हुई हिंसा और छात्रों से मारपीट के विरोध में अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गईं हैं। प्रियंका अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ शाम छह बजे तक दो घंटे के लिए सांकेतिक धरने पर बैठेंगी।


हम इस सरकार के खिलाफ लड़ेंगे

धरने में प्रियंका के साथ कांग्रेस के दिग्गज नेता केसी वेणुगोपाल, एके एंटनी, पीएल पुनिया, अहमद पटेल और अन्य नेता भी शामिल हैं। धरने पर बैठने से पहले प्रियंका ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि, ‘सरकार ने संविधान और छात्रों पर हमला किया है। उन्होंने (पुलिस) विश्वविद्यालय में प्रवेश कर छात्रों पर हमला किया। हम संविधान के लिए लड़ेंगे, हम इस सरकार के खिलाफ लड़ेंगे। देश गुंडों की जागीर नहीं है।’

सरकार ने देश के युवाओं के अधिकारों पर हमला किया

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि, ‘यह एक ऐसी सरकार है जिसने देश के युवाओं और छात्रों के अधिकारों पर हमला किया है। इसीलिए, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने इंडिया गेट पर शाम 4 बजे से अगले 2 घंटों के लिए एक सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने का फैसला किया है।’

राहुल गांधी ने भी किया ट्वीट 

इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर कहा था कि, ‘सीएबी और एनआरसी भारत में बड़े पैमाने पर ध्रुवीकरण करने के लिए फासीवादियों के हथियार हैं। इन गंदे हथियारों के खिलाफ बचाव का सर्वश्रेष्ठ तरीका शांतिपूर्ण, अहिंसक सत्याग्रह है। मैं कैब और एनआरसी के खिलाफ शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ खड़ा हूं।’

क्या है पूरा मामला

रविवार रात दक्षिण दिल्ली में भीड़ ने पुलिसकर्मियों, आम नागरिकों व मीडिया को निशाना बनाया था। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जामिया इलाके में जमकर हिंसा और विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने कई बसें और बाइक फूंक दी। प्रदर्शन उग्र होता देख उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस दौरान हिंसक भीड़ ने पुलिसकर्मियों की बड़ी टुकड़ी से संघर्ष किया और मीडिया पर भी पथराव किया। पथराव में दो दमकल अधिकारी घायल हो गए।

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छात्रों को छोड़ना पड़ रहा है कैंपस  

इसके अलावा पुलिसकर्मियों ने अराजक तत्वों के जामिया मिलिया विश्वविद्यालय में घुसने के संदेह पर कैंपस से सभी छात्रों को बाहर निकाला। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हुई हिंसक झड़प में कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस घटना में साउथ ईस्ट डीसीपी चिन्मय बिस्वाल, एडिशनल डीसीपी साउथ, 2 एसीबी, 5 एसएचओ और इंसपेक्टर समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्रों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके साथ बर्बरता की। रात करीब 9 बजे से ही पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर जेएनयू और जामिया के छात्र प्रदर्शन करने जमा हो गए। उन्होंने सुबह करीब 4 बजे तक पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। देर रात पुलिस ने 50 छात्रों को रिहा किया जिसके बाद सुबह 4 बजे ये धरना खत्म हुआ। प्रदर्शन की वजह से हालात अब ऐसे बन गए हैं कि कई छात्रों को कैंपस ही छोड़ना पड़ रहा है।

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