अमेरिका में हिंसक प्रदर्शनों के बीच बंकर में ले जाए गए ट्रंप, जानिए क्यों जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका में शुरू हुआ हिंसक प्रदर्शन

चैतन्य भारत न्यूज

मिनेसोटा में 46 वर्षीय अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद पूरे अमेरिका में प्रदर्शनों की लहर उठ गई है। पुलिस और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोग पुलिस हिंसा को खत्म करने की मांग कर रहे हैं। अश्वेत की हत्या के विरोध में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों की आंच व्हाइट हाउस तक पहुंच चुकी है। शुक्रवार रात वाशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शनकारियों के जमा होने पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कुछ समय के लिए एक भूमिगत बंकर में ले जाया गया था। इसकी जानकारी व्हाइट हाउस के अधिकारियों और कानून प्रवर्तन सूत्रों ने दी।

जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने बंकर में लगभग एक घंटा बिताया और फिर उन्हें ऊपर लाया गया। इस दौरान उनके साथ अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप और उनके बेटे बैरन भी थे। कानून प्रवर्तन सूत्र ने बताया कि प्रोटोकॉल के अनुसार, अगर अधिकारी राष्ट्रपति ट्रंप को बंकर में ले जाते हैं तो उन्हें अन्य सुरक्षा प्राप्त लोगों को भी वहां ले जाना होता, मतलब मेलानिया और बैरन दोनों लोगों को ले जाना अनिवार्य था।

क्यों हो रहा विरोध?

दरअसल, 25 मई 2020 को मिनियापोलिस पुलिस ने जॉर्ज फ्लॉयड को नकली नोट चलाने के आरोप में हिरासत में लिया था। बता दें पुलिस को एक ग्रॉसरी स्टोर से सूचना मिली कि जॉर्ज ने यहां 20 डॉलर यानी 1,500 रुपए का नकली नोट इस्तेमाल किया है। फिर एक पुलिसकर्मी ने जॉर्ज को गिरफ्तार कर उसकी गर्दन पर लगभग आठ मिनट के लिए अपना घुटना रखा था जिससे जॉर्ज को सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। वहीं उसी पुलिस अधिकारी ने अपना दूसरा पैर जॉर्ज की कमर पर रखा था जहां उनके दोनों हाथ बंधे हुए थे। जॉर्ज बार-बार कहता रहा कि मुझे मत मारो, लेकिन जब तक उसकी आंखें बंद नहीं हुई और शरीर में हल्कापन नहीं आया, तब तक पुलिस ऑफिसर ने एक न सुनी। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था जिसे देख लोग भड़क गए। जॉर्ज फ्लॉयड की मौत से अमेरिका में सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए। जॉर्ज की हत्या के बाद अमेरिका में जगह-जगह पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

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