मप्र: डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा के साथ हुई बदसलूकी, बीजेपी कार्यकर्ताओं को मारा था चांटा, 650 के खिलाफ केस दर्ज

priya verma

चैतन्य भारत न्यूज

भोपाल. मध्यप्रदेश के राजगढ़ की डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा सुर्खियों में बनी हुई हैं। दरअसल रविवार को राजगढ़ जिले के ब्यावरा में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थन में बीजेपी द्वारा तिरंगा यात्रा निकाली गई। इस रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा ने एक कार्यकर्ता को थप्पड़ जड़ दिया। इसके बाद विवाद बढ़ गया और भीड़ में से ही किसी प्रदर्शनकारी ने प्रिया के बाल खींच दिए।



जानकारी के मुताबिक, राजगढ़ में धारा 144 लागू है बावजूद इसके बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने यहां तिरंगा यात्रा निकाली। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। प्रशासन प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश कर रहा था और वह बीच रास्ते में प्रदर्शन कर रहे लोगों को भी वहां से हटा रहा था। इसी दौरान डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा एक प्रदर्शनकारी को थप्पड़ मारने लगीं। जिसके बाद किसी प्रदर्शनकारी ने प्रिया वर्मा के बाल खींच दिए। सोशल मीडिया पर इस मामले का वीडियो भी वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला अधिकारी एक प्रदर्शनकारी को पकड़ती हैं और फिर थप्पड़ मारती हैं।


डिप्टी कलेक्टर से अभद्रता के मामले में दो आरोपियों पर धारा 353 व 354 के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसमें एक नामजद और एक अज्ञात है। इसके अलावा धारा 144 के उल्लंघन करने पर भी करीब 650 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसमें 150 लोगों की पहचान हो चुकी है और बाकी 500 लोगों की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है।


घटना के बाद मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने ट्वीटर पर लिखा कि, ‘आज का दिन लोकतंत्र के सबसे काले दिनों में गिना जाएगा। आज राजगढ़ में डिप्टी कलेक्टर साहिबा ने जिस बेशर्मी से CAA के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को लताड़ा, घसीटा और चांटे मारे, उसकी निंदा मैं शब्दों में नहीं कर सकता। क्या उन्हें प्रदर्शनकारियों को पीटने का आदेश मिला था?’

इस मामले में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि, ‘राजगढ़ में बीजेपी की गुंडागर्दी सामने आ गई। महिला जिला कलेक्टर और महिला एसडीएम अधिकारियों को पीटा गया। बाल खींचे गए। महिला अधिकारियों की बहादुरी पर हमें गर्व है।’ बता दें मध्यप्रदेश सरकार शुरुआत से ही नागरिकता कानून का विरोध कर रही है। इसके खिलाफ विरोध में मुख्यमंत्री कमलनाथ और सरकार के सभी मंत्री व कांग्रेस कार्यकर्ता पैदल मार्च भी निकाल चुके हैं।

कौन हैं प्रिया वर्मा?

  • प्रिया वर्मा इंदौर के पास मांगलिया गांव की रहने वाली हैं।

उन्होंने साल 2014 में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की थी। तब उनकी पोस्टिंग भैरवगढ़ जेल उज्जैन में बतौर जेलर हुई थी।

साल 2015 में वह प्रमोट होकर डिप्टी सुप्रिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) बन गईं। उस वक्त प्रिया की उम्र महज 21 साल थी।

प्रिया यहीं नहीं रुकीं उन्होंने आगे और जमकर मेहनत की।

साल 2017 में एक बार फिर उन्होंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा देकर प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया और डिप्टी कलेक्टर बनीं।

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