पुडुचेरी में गिरी कांग्रेस सरकार, नारायणसामी नहीं कर पाए बहुमत साबित, सौंपा इस्तीफा

चैतन्य भारत न्यूज

केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में कांग्रेस की अगुआई वाली सरकार गिर गई। पुडुचेरी के मुख्यमंत्री नारायाणसामी के भाषण के बाद स्पीकर ने सदन में कहा कि, मौजूदा सरकार बहुमत खो चुकी है। इसके बाद बाद नारायाणसामी ने उपराज्यपाल (LG) तमिलिसाई सौंदर्यराजन को अपना इस्तीफा सौंप दिया। गौरतलब है कि विधानसभा में कांग्रेस के पास उसके 9 विधायकों के अलावा 2 डीएमके और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन है।

यानी कांग्रेस के पास 11 विधायकों (स्पीकर को लेकर 12) का समर्थन है, जबकि विधानसभा की वर्तमान स्थिति के मुताबिक उसे बहुमत के लिए 14 विधायकों का समर्थन चाहिए। हालांकि, फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री नारायणसामी दावा करते रहे कि उनके पास निर्वाचित विधायकों में से बहुमत है।

नारायाणसामी ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि, ‘पूर्व LG किरण बेदी और केंद्र सरकार ने विपक्ष के साथ मिलकर सरकार गिराने की कोशिश की। अगर हमारे विधायक हमारे साथ होते, तो सरकार पांच साल चलती।’ नारायणसामी ने कहा, ‘हमने द्रमुक और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई थी। इसके बाद हमने कई चुनाव देखे। सभी उपचुनावों में हमने जीत दर्ज की। एक बात साफ हो चुकी है कि पुडुचेरी के लोगों का हम पर भरोसा है।’

6 विधायकों के इस्तीफे से संकट गहराया था

कांग्रेस के चार विधायकों के इस्तीफे के बाद सरकार पर संकट के बादल गहरा गए थे। इसके बाद उपराज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन ने सरकार को बहुमत साबित करने को कहा था। फ्लोर टेस्ट से एक दिन पहले ही रविवार को कांग्रेस और गठबंधन में शामिल DMK के एक-एक विधायक ने और इस्तीफा दे दिया, इसके बाद नारायणसामी सरकार अल्पमत में आ गई।

इन 4 विधायकों ने पहले दिया था इस्तीफा

  1. ए. जॉन कुमार, कांग्रेस
  2. ए. नमस्सिवम, कांग्रेस
  3. मल्लादी कृष्णा राव, कांग्रेस
  4. ई थेपयन्थन, कांग्रेस

रविवार को इन 2 विधायकों ने दिया इस्तीफा

5. के. लक्ष्मीनारायणन, कांग्रेस

6. के. वेंकटेशन, DMK

3 विधायक पहले ही कम हो चुके थे

इनके अलावा कांग्रेस विधायक एन. धनवेलु को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया था। नमस्सिवम और थेपयन्थन भाजपा में शामिल हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि बाकी नेता भी जल्द ही भाजपा में जा सकते हैं।

इसलिए गिरी सरकार

कुल सीटें: 30+3* = 33
6 विधायकों के इस्तीफे और एक विधायक के अयोग्य घोषित होने के बाद सदन की स्थिति: 33-7= 26
बहुमत के लिए जरूरी थे: 14 कांग्रेस+ 12 (बहुमत से 2 कम)
विपक्ष: 14 (बहुमत के आंकड़े के बराबर)

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