इस दंपत्ति ने अपने गहने बेचकर सियाचिन में लगवाया ऑक्सीजन प्लांट, ताकि जवान ठीक से सांस ले सके

oxygen plant

चैतन्य भारत न्यूज

पुणे. दुनिया के सबसे ऊंचे लड़ाई के मैदान सियाचीन में तैनात जवानों को बहुत ही कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। यहां पर तैनात जवानों को जिंदा रहने के लिए सबसे जरुरी सांस, हवा और पानी जुटाने के लिए भी बहुत मेहनत करनी पड़ती है। जवानों की इन्हीं सब परेशानियों को समझते हुए पुणे के एक दंपत्ति ने बेहद प्रशंसनीय कदम उठाया है। इस दंपत्ति ने सियाचिन में तैनात सेना के जवानों के लिए ऑक्सीजन प्लांट दान किया है।


दंपत्ति ने इस काम को करने के लिए अपना कीमती सामान और गहने तक बेच दिए। जानकारी के मुताबिक, सुमिधा और योगेश चिताडे नामक दंपत्ति पुणे में ‘सोल्जर्स इंडिपेंडेंट रिहेबलिटेशन फाउंडेशन’ नामक एक एनजीओ चलाते हैं। उन्हें जवानों की इस जरुरत के बारे में परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन बाना सिंह से पता चला। फिर उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट के लिए फंड जुटाने का फैसला लिया। 24 अप्रैल 2018 को चिताडे दंपत्ति ने इस काम के लिए फंड तैयार करना शुरू किया। डोनेशन के जरिए उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट के लिए 2 करोड़ रुपए का फंड जमा कर लिया। फिर 18 हजार फीट की ऊंचाई पर सियाचिन में तैनात सैनिकों के लिए ऑक्सीजन प्लांट बनवाया।



बता दें योगेश चिताडे पूर्व वायुसेना कर्मी हैं और उनकी पत्नी सुमेधा चिताडे स्कूल टीचर हैं। दंपत्ति ने महाराष्ट्र के अलग-अलग जगहों पर जाकर लगभग डेढ़ साल तक फंड के लिए दान देने की अपील की और आखिरकार दोनों की मेहनत रंग लाई। उन्होंने जर्मनी से ऑक्सीजन प्लांट के लिए मशीन मंगवाई। इस मशीन की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए है। बता दें अक्टूबर के आते-आते सियाचिन में ठंड बढ़ जाती है। ऐसे में दंपत्ति ने 15 अक्टूबर से पहले-पहले इस मशीन को लगाने की तारीख तय की थीम जिससे की जवानों को कोई दिक्कत न हो। योगेश चिताडे के एकलौते बेटे भी भारतीय सेना में मेजर हैं।

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