सड़क पर विपक्ष का विरोध-प्रदर्शन, राहुल बोले- पहली बार राज्यसभा में सांसदों की हुई पिटाई

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. संसद के मॉनसून सत्र खत्म होने के बाद गुरुवार Posts & Sharingको विपक्षी पार्टियों द्वारा साझा मार्च निकाला गया। केंद्र के तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने संसद से विजय चौक की ओर यह मार्च निकाला। इस मार्च में एक दर्जन से अधिक राजनीतिक दल शामिल हुए। इस दौरान राहुल गांधी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाया और सदन में सांसदों के साथ बदसलूकी होने की बात कही।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि, पहली बार राज्यसभा में सांसदों की पिटाई की गई, बाहर से लोगों को बुलाया गया और सांसदों के साथ धक्का-मुक्की की गई। चेयरमैन की जिम्मेदारी सदन को चलाने की है, विपक्ष की बात सदन में क्यों नहीं रख सकते हैं। उन्होंने आगे यह भी कहा कि, देश का प्रधानमंत्री आज देश को बेचने का काम कर रहा है, दो-तीन उद्योगपतियों देश की आत्मा बेची जा रही है। विपक्ष संसद के अंदर कोई भी बात नहीं कर सकता है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि, देश के 60 फीसदी लोगों की आवाज दबाई जा रही है, राज्यसभा में सांसदों के साथ बदसलूकी की गई। हमने सरकार से पेगासस मुद्दे पर चर्चा करने की बात कही, हमने किसानों, महंगाई का मुद्दा उठाया। राहुल ने कहा कि ये लोकतंत्र की हत्या है।

जंतर-मंतर पर भी राहुल का संबोधन

राहुल गांधी ने गुरुवार को जंतर-मंतर पर संबोधन में कहा कि, आज देश में संविधान पर हमला हो रहा है। राहुल ने आरोप भी लगाया कि, नरेंद्र मोदी किसानों पर अत्याचार करते हैं, नोटबंदी-जीएसटी लागू करके छोटे उद्योगों को खत्म कर दिया। देश की संसद में पहली बार सांसदों की पिटाई की गई। नरेंद्र मोदी ने सिर्फ अपने उद्योगपति दोस्तों को फायदा किया, कोरोना काल में सरकार ने गरीबों की मदद नहीं की। देश की जनता को सबकुछ समझ आ रहा है, धीरे-धीरे सरकार के खिलाफ आवाज़ उठ रही है। राहुल गांधी ने कहा कि जिस दिन इनसे डरना बंद कर देंगे, ये भाग जाएंगे।

गौरतलब है कि पेगासस समेत अन्य मुद्दों को लेकर विपक्ष द्वारा संसद के दोनों सदनों में पूरे सत्र हंगामा किया गया। इसी के कारण मॉनसून सत्र समय से पहले खत्म हो गया। सरकार का आरोप है कि विपक्ष ने संसद में सभी मर्यादाओं को तोड़ दिया।

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