45 डिग्री पारे में नानी के साथ 7 किमी पैदल चली 5 साल की बच्ची, पानी-पानी करते हुए छीन गई सांस

चैतन्य भारत न्यूज

राजस्थान के जालोर जिले में पानी न मिलने से रेतीले धोरों में एक 5 साल की मासूम बच्ची ने प्यास से तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। यह घटना रविवार की है।

जानकारी के मुताबिक, रानीवाड़ा तहसील के अंतर्गत डूंगरी निवासी वृद्ध महिला सुखीदेवी का सिरोही जिले के मंडार के समीप रायपुर में पीहर है। सुखीदेवी अपनी पांच वर्षीय नातिन (दोहिती) के साथ पीहर गई थी। रविवार 6 जून को सुबह मौसम ठंडा देखकर पांच वर्षीय नातिन के साथ वापस बहन के पास जाने के लिए पैदल ही रवाना हो गई। करीब दस बारह किलोमीटर की दूरी तय कर ली थी, इस दौरान दोपहर में तापमान पारा बढ़ गया था और मौसम उमस भरा हो गया था।

15 किमी का शॉर्टकट रास्ता अपनाया

इनको रायपुर से डूंगरी के बीच 22 किलोमीटर का सफर तय करना था। ऐसे में इन्होंने तय किया कि 22 किलोमीटर के सड़क के रास्ते की बजाय 15 किमी के शॉर्टकट रास्ते से जाएंगी। ये लोग अपने साथ पानी लाना भूल गए थे और जिस शॉटकट रास्ते से निकली वह वीरान था। इसमें एक तरफ पहाड़ी और दूसरी ओर रेतीले टीले थे। दूर-दूर तक पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। करीब 45 डिग्री तापमान में वीरान रास्ते पर करीब सात किलोमीटर पैदल चलने के बाद थक गई।

प्यास से बेहाल होकर हुई बेहोश

इसी दौरान रेतीले धोरों में दोनों प्यास से बेहाल हो गईं। पानी न मिलने से रोड़ा गांव के पास जहां मासूम अंजलि की मौत हो गई। वहीं सुखी देवी बेहोश होकर गिर गईं। कोरोना काल और गर्मी का मौसम होने के कारण काफी देर से कोई उधर से गुजरा भी नहीं तो लोगों को घटना की जानकारी भी नहीं मिल पाई। जब जानकारी मिली तब तक काफी देर हो चुकी थी।

चरवाहे ने पुलिस को किया फोन

काफी देर बाद वहां किसी चरवाहे ने महिला को देखा तो सूरजवाड़ा सरपंच कृष्णकुमार पुरोहित को फोन किया। बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बच्ची का दम टूट चुका था। महिला को पुलिस ने पानी पिलाया और बाद में उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया है।

बारिश की बूंदों ने वृद्धा को बचाया

बुजुर्ग महिला ने आपबीती बताते हुए कहा कि,तेज गर्मी के कारण दोनों बेहोश होकर गिर गए थे। उसे कुछ नहीं सूझ रहा था, लेकिन काफी देर बाद आसमान से हल्की बूंदाबांदी शुरू हुई, जिससे उसे कुछ राहत मिल गई और उसकी जान बच गई, लेकिन तब तक उसकी नातिन की मौत हो चुकी थी।

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