जयपुर के मयंक ने रचा इतिहास, 21 की उम्र में बनेंगे जज

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चैतन्य भारत न्यूज

जयपुर. राजस्थान न्यायिक सेवा (आरजेएस) भर्ती परीक्षा-2018 का परिणाम हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा बुधवार (20 नवंबर) को जारी कर दिया गया, जिसमें 197 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। इस परीक्षा में जयपुर के मयंक प्रताप सिंह ने टॉप कर इतिहास रचा है। इतना ही नही बल्कि मंयक प्रताप सिंह, प्रदेश में सबसे कम उम्र के जज बन गए हैं। उनके माता मंजू व पिता राजकुमार सिंह पेशे से शिक्षक है।



खास बात यह है कि कॉलेज शिक्षा के साथ ही पहले प्रयास में मयंक ने टॉप किया। वहीं, तनवी माथुर दूसरे स्थान पर रही। इसी तरह, दीक्षा मदान ने तीसरे स्थान हासिल किया। जानकारी के मुताबिक, इस परीक्षा में 499 अभ्यर्थी इंटरव्यू में शामिल हुए थे। इनमें 197 अभ्यर्थी सफल हुए। जिसमें 103 अभ्यर्थी सामान्य वर्ग, ओबीसी के 41, एससी के 30 और 23 अभ्यर्थी एसटी के चयनित हुए है।

मयंक कहते हैं कि, ‘इतनी छोटी उम्र में जज जैसी जिम्मेदारी मिलना एक अलग ही तरह की फीलिंग दे रहा है। कोशिश करूंगा कि पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ इस जिम्मेदार को निभाऊं और हाईकोर्ट ने जो भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरूं।’

बता दें इससे पहले इस परीक्षा के लिए कम से कम उम्र 23 साल थी, लेकिन इसी साल जनवरी में राजस्थान हाई कोर्ट ने इसकी उम्र कम करके 21 साल कर दी। मयंक मानसरोवर के निवासी हैं और उन्होंने इसी साल अप्रैल में राजस्थान यूनिवर्सिटी से पांच साल की लॉ में पढ़ाई पूरी की और जूडिशल सर्विस की तैयारी करने के बाद एग्जाम दिया।

गौरतलब है कि आरजेएस भर्ती 2018 के लिए 7- 8 सितंबर को मुख्य परीक्षा का आयोजन हुआ था। 16 अक्टूबर को मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था। इसके बाद 9 नवंबर से साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू हुई थी। मंगलवार देर रात 12 बजे तक अभ्यर्थी अपने रिजल्ट का इंतजार करते रहे फिर बुधवार सुबह उन्हें परिणाम का पता चला।

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