CAA: अमित शाह की विपक्ष को चुनौती, राहुल पर बरसे, कहा- कानून नहीं पढ़ा तो इटली में ट्रांसलेट कर भेज दूं…

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चैतन्य भारत न्यूज

जोधपुर. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के पक्ष में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राजस्थान के जोधपुर में जनसभा की। इस दौरान गृह मंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं पर जमकर हमला बोला। शाह ने यह ऐलान किया कि, ‘जितना भी भ्रम फैलाना है, फैला लें लेकिन बीजेपी इस कानून पर एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी।’



अमित शाह ने विपक्षी नेताओं का नाम लेते हुए कहा कि, ‘कांग्रेस, ममता दीदी, एसपी, बीएसपी, केजरीवाल एंड कंपनी सभी इस कानून का विरोध कर रहे हैं, इन सभी को मैं चुनौती देता हूं कि वो साबित करें इससे किसी अल्पसंख्यक को नुकसान होगा।’ शाह ने आगे कहा कि, ‘राहुल बाबा, अगर कानून पढ़ा है तो इसपर चर्चा करने के लिए आ जाइए। अगर नहीं पढ़ा है तो मैं आपको इटली में इसका ट्रांसलेशन भेजने के लिए तैयार हूं।’

हम इस कानून पर पीछे नहीं हटेंगे : शाह

शाह ने चुनौती देते हुए कहा कि,’ भले ही सारी पार्टी एक हो जाएं, लेकिन बीजेपी CAA पर एक इंच भी वापस नहीं आएगी। जितना भी भ्रम फैलाना है, फैला लो। लेकिन हम इस कानून पर पीछे नहीं हटेंगे।’ गृह मंत्री ने यह भी कहा कि, ‘भारतीय जनता पार्टी ने देश के अंदर नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में जनजागरण अभियान का आयोजन किया है। जिनको वोटबैंक की राजनीति करने की आदत है वही इसका विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने CAA के खिलाफ दुष्प्रचार किया है, जिसकी वजह से देश के हजारों युवा गुमराह हुए। इसी वजह से हम CAA को लेकर जनजागरण कर रहे हैं।’

अल्पसंख्यकों के प्रति जाहिर की चिंता

अल्पसंख्यकों के प्रति चिंता जाहिर करते हुए शाह बोले कि, ‘पाकिस्तान-बांग्लादेश-अफगानिस्तान से जो हिंदू, जैन, बौद्ध, सिख, ईसाई और पारसी अल्पसंख्यक आए, उनकी किसी ने चिंता नहीं की। लेकिन मोदी सरकार ने इस वादे को निभाया। अल्पसंख्यकों को भारत में नागरिकता देने का महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, राजेंद्र प्रसाद, सरदार पटेल समेत सभी नेताओं ने इसका वादा किया था, क्या ये भी सांप्रदायिक थे। कांग्रेस ने वोटबैंक की वजह से कुछ नहीं किया, लेकिन नरेंद्र मोदी 56 इंच की छाती वाले हैं वह किसी से नहीं घबराते हैं।’

‘शरणार्थियों के अच्छे दिन’

शाह ने कहा, ‘अब शरणार्थियों के अच्छे दिन आ गए हैं, क्योंकि अब शरणार्थी भारत के नागरिक बन गए हैं। विपक्ष कुछ भी कहे लेकिन मैं डंके की चोट पर कहता हूं कि जो आए हैं ये देश उनका भी उतना है, जितना मेरा है। ये नरेंद्र मोदी का शासन है, यहां किसी को डरने की जरूरत नहीं है। जो शरणार्थी पड़ोसी मुल्क से यहां आए हैं, उनमें अधिकतर दलित हैं। आप याद रखना कि इसका विरोध करना दलितों का विरोध करना होगा, जिसे देश याद रखेगा।’

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