सुपरस्टार रजनीकांत की राजनीति में एंट्री, कहा- मुख्यमंत्री पद की ख्वाहिश नहीं, सिर्फ राजनीति में बदलाव मेरा मकसद

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चैतन्य भारत न्यूज

चेन्नई. काफी दिनों तक चर्चा के बाद साउथ सिनेमा इंडस्ट्री के सुपरस्टार रजनीकांत ने आखिरकार राजनीति में प्रवेश कर ही लिया है। गुरुवार को चेन्नई में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रजनीकांत ने अपनी भविष्य की राजनीति को लेकर पत्ते खोल दिए हैं।


खुद नहीं बनेंगे मुख्यमंत्री

रजनीकांत ने साफतौर से कहा है कि, ‘वह राजनीति में बदलाव लाने लिए शामिल हो रहे हैं। वह एक ऐसी पार्टी का निर्माण करने जा रहे हैं जहां पर सरकार और पार्टी दो अलग-अलग तरीके से काम करेगी।’ रजनीकांत की योजना के मुताबिक, वह खुद पार्टी के नेता तो होंगे लेकिन वह मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। रजनीकांत ने कहा कि, ‘उनकी पार्टी का यही नियम है कि जो भी नेता पार्टी का अगुवा होगा वह सरकार का हिस्सा नहीं बनेगा।’

राजनीति में बदलाव लाना मकसद

रजनीकांत ने आगे कहा कि, ‘मैंने कभी मुख्यमंत्री पद के बारे में नहीं सोचा। मैं केवल राजनीति में बदलाव चाहता हूं। हमारी राजनीति में दो दिग्गज थे, एक जयललिता और एक कलाईगनर। लोगों ने उन्हें वोट दिया था लेकिन अब एक खालीपन है। अब हमें बदलाव लाने के लिए एक नया आंदोलन शुरू करने की जरूरत है।’ रजनीकांत का कहना है कि, वह अपनी पार्टी में युवाओं और पढ़े-लिखे लोगों को मौका देकर नई लीडरशिप तैयार करना है। इस वजह से वह खुद सीएम के उम्मीदवार नहीं बनेंगे।

पार्टी और सरकार अलग-अलग रहेंगे

उन्होंने अपनी योजना के बारे में बताते हुए कहा कि, ‘वह डुअल प्लान पर काम करेंगे। पार्टी में दो वर्ग होंगे। पहला वर्ग पार्टी के कामकाज को देखेगा और दूसरा वर्ग सरकार के कामकाज को देखेगा। पार्टी कभी भी सरकार पर हावी नहीं होगी। अच्छे रिकॉर्ड वाले लोगों को पार्टी में चुनाव लड़ने का अवसर दिया जाएगा।’ उन्होंने आगे बताया कि, ‘पार्टी का नेता कभी सरकार में शामिल नहीं होगा और सरकार का कोई भी सदस्य पार्टी में नहीं आएगा। मैं पार्टी का नेता रहूंगा और कोई दूसरा सीएम कैंडिडेट होगा।’

सरकार से सवाल करेगी पार्टी

रजनीकांत अपनी पार्टी की खासियत बताते हुए कहा कि, ‘जो भी राज्य का मुख्यमंत्री बनेगा उसका सिर्फ एक ही विजन रहेगा। वह पढ़ा-लिखा होगा। हमारी पार्टी खुद सरकार से सवाल करती रहेगी। गलत होने पर पार्टी उसके खिलाफ कार्रवाई भी करेगी।’

प्लान लेकर जनता के बीच जाएंगे

रजनीकांत ने आगे कहा कि, ‘हम कभी समानंतर सरकार नहीं चलाएंगे। हमारे पास सीमित संख्या में लोग हैं। हम उनका सही तरीके से उपयोग करेंगे। हम अपना प्लान लेकर लोगों के बीच जाएंगे। हम इस प्लान को लेकर नेताओं, पत्रकारों और अधिकारियों से बात कर चुके हैं। कोई इस प्लान के लिए तैयार नहीं हुआ। लेकिन हम इसी प्लान के साथ आगे जाएंगे।’

2017 में दिए थे राजनीति में आने के संकेत

गौरतलब है कि पिछले काफी समय से यह कयास लगाए जा रहे हैं कि रजनीकांत जल्द ही राजनीति में प्रवेश करेंगे और तमिलनाडू विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। हालांकि, इसे लेकर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। कुछ महीने पहले ही रजनीकांत के घर पर कुछ नेता सीएए और एनपीआर की चर्चा करते हुए देखे गए थे। रजनीकांत ने अपने राजनीति में आने के संकेत 31 दिसंबर 2017 को चेन्नई में जनता को संबोधित करने के दौरान ही दे दिए थे। इसके बाद 2018 में उन्होंने यह दावा किया था कि, उनकी पार्टी बनने का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

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