जन्मदिन विशेष : लेक्चरर की नौकरी करते हुए ऐसे राजनीति के राजा बने राजनाथ सिंह, पढ़ें उनका सियासी सफर

चैतन्य भारत न्यूज 

भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आज 69वां जन्मदिन है। राजनाथ सिंह मृदुभाशी और बेबाक बोलने वाले नेता माने जाते हैं। वे सियासत के काफी माहिर खिलाड़ी रहे हैं। जन्मदिन के इस खास मौके पर जानते हैं राजनाथ सिंह से जुड़ी खास बाते।

भारतीय राजनीति में अपनी एक अलग छवि स्थापित करने वाले राजनाथ सिंह का जन्म 10 जुलाई 1951 को वाराणसी जिले के एक छोटे से ग्राम भाभोरा में हुआ था। देश-विदेश में ख्याति प्राप्त करने वाले राजनाथ सिंह का पूरा नाम राजनाथ राम बदन सिंह है। उनके पिता का नाम राम बदन सिंह था।

राजनाथ सिंह के बारे में यह कम ही लोगों को पता है कि वे उन्होंने गोरखपुर विश्‍वविद्यालय से भौतिकी विषय में प्रोस्‍ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है। उसके बाद मिर्ज़ापुर में भौतिकी विषय के लेक्चरर भी रह चुके हैं। खास बात है कि नौकरी लगने के बाद भी राजनाथ सिंह ने संघ से नाता नहीं तोड़ा और वे संघ से जुड़े रहे। कहा जाता है कि वे करीब 13 साल की उम्र से ही संघ से जुड़े हुए हैं। वह पहले भाजपा के युवा विंग के साथ-साथ भाजपा की उत्तर प्रदेश विंग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

धीरे-धीरे राजनीति में इनकी अच्छी पकड़ बन गई। ये 1977 में विधायक और भाजपा के राज्य सचिव बने। 1986 में बीजेपी के युवामोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव व राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। कल्याण सिंह के दौरान शिक्षामंत्री बने। उत्तर प्रदेश की सियासत में भले ही वे लंबी पारी खेल चुके हो लेकिन संसद में वे पहली बार 1994 में पहुंचे जब उन्हें राज्यसभा टिकट मिला।

वर्ष 1997 में जब उत्तरप्रदेश राजनीतिक संकट का सामना कर रहा था, तब एक बार फिर से उन्होंने राज्य पार्टी अध्यक्ष की बागडोर संभाली और इस पद पर 1999 तक रहे। इसके बाद केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में राजग सरकार में भूतल परिवहन मंत्री बने। केंद्र और राज्यों के बीच उनका आना-जाना लगा रहा। 28 अक्टूबर, 2000 को वे राम प्रकाश गुप्त की जगह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष चुने गए राजनाथ सिंह पहले भी विभिन्न संकटों के बीच सरताज बनकर उभरे। राजनीतिक हलकों में उन्हें काफी मृदुभाषी और बेबाक बोलने वालों में माना जाता है। 2003 से 2008 तक दूसरे टर्म के लिए राज्य सभा सदस्य के रूप में दोबारा चुने गए। इसके बाद राजनाथ सिंह 15वीं लोकसभा चुनाव (2009) में बाजी मारते हैं और जीत दर्ज करते हैं।

16वीं लोकसभा चुनाव में भी राजनाथ सिंह ने जीत दर्ज की। 2014 में जब मोदी सरकार सत्ता में आई, तब राजनाथ सिंह को गृहमंत्री बनाया गया। फिर साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार ने एक बार फिर जीत हासिल की और राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री बने।

rajnath singh

Related posts