12वीं पास ने फर्जी डॉक्टर बन 9 साल में जांचे 90 हजार मरीज, अस्पताल प्रशासन की जांच में फूटा भांडा

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चैतन्य भारत न्यूज

सीकर (राजस्थान).
अभी तक ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जिनमें लोग फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके पैसे ऐंठने का काम करते हैं। हाल ही में राजस्थान के सीकर में एक फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया है। सीकर के एक निजी अस्पताल से पकड़े गए इस फर्जी डॉक्टर का नाम मानसिंह बघेल है। इसका दावा है कि यह अब तक लगभग 90 हजार मरीजों की जांच कर चुका है। इतना ही नहीं बल्कि यह शख्स कृष्ण कन्हैया केयर अस्पताल में हर महीने एक लाख रुपए का वेतन भी ले रहा था। जानकारी के मुताबिक, यह शख्स दिनभर में 25 मरीजों को जांच करता था लेकिन अब इसका राज खुल चुका है।

बताया जा रहा है कि एक मरीज की हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल प्रशासन की जांच में यह शख्स पकड़ा गया। सिर्फ 12वीं पास मानसिंह पिछले पांच महीने से सीकर में मरीजों की जांच कर रहा था। इससे पहले उसने 9 साल तक आगरा में अपना क्लिनिक चलाया। दोनों ही जगहों पर उसने अब तक 90 हजार मरीजों की जांच की है। इस शख्स का कहना है कि, करीब पांच साल पहले मथुरा जाते समय उसे ट्रेन में डॉ. मनोज कुमार की डिग्री पड़ी मिली थी। इसी के नाम के अनुसार उसने अपने बाकी फर्जी पहचान पत्र भी तैयार कर लिए थे और डॉ. मनोज कुमार बन गया था।

ऐसे हुआ खुलासा

सीकर के निजी अस्पताल में वह सारे मरीजों को एक जैसी ही दवा देता था। साथ ही इलाज के लिए घरेलू नुस्खे ज्यादा आजमाने की बात करता था। जून के दूसरे हफ्ते में जब एक महिला दिल की बिमारी का इलाज कराने पहुंची तो इस डॉक्टर ने उसे ड्रिप चढ़ा दी। इसके बाद महिला की हालत बिगड़ गई फिर उसे दूसरे अस्पताल रैफर करना पड़ा। इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने उसके मतदाता परिचय पत्र की जांच की तो दूसरी पहचान मिली। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, मानसिंह आगरा का रहने वाला है वह मरीजों को पैरासीटामोल जैसी सामान्य दवाएं लिखता था जबकि गंभीर व्यक्ति को तुरंत रैफर कर देता था।

मामले के खुलासे पर असली डॉक्टर पहुंचे

असली डॉक्टर मनोज कुमार का हरियाणा के पलवल जिले में सहारा अस्पताल है। मनोज की पत्नी भी डॉक्टर है। जब उन्हें पता चला कि उनकी डिग्री के नाम पर फर्जी तरीके से कोई शख्स नौकरी कर रहा है तो वे भी सीकर पहुंचे। मनोज के मुताबिक, उनका बैग वर्ष 2005 में बस से चोरी हो गया था। उन्होंने बैग चोरी होने की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई थी।

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