रक्षाबंधन: बाजार में मिल रही नकली मिठाइयों से सावधान, ऐसे करें नकली और असली मावे की पहचान

चैतन्य भारत न्यूज

रक्षा बंधन त्यौहार की तैयारियां जोरशोर से चल रही है। भाई-बहन के प्यार का प्रतीक रक्षा बंधन इस साल रविवार, 22 अगस्त को मनाया जाएगा। रक्षा बंधन पर मिठाइयों की खरीदारी काफी बढ़ जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं त्योहारों के सीजन में नकली मिठाई या नकली मावे का कारोबार भी तेज रहता है। इसलिए इनकी खरीदारी के समय समझदारी दिखाना बहुत जरूरी हो जाती है। आइए आपको बताते हैं कि आप असली-नकली का फर्क कैसे पता लगा सकते हैं।

1. खोए के जरा से टुकड़े को हाथ के अंगूठे पर थोड़ी देर के लिए रगड़ें। अगर इसमें मौजूद घी की महक अगर देर तक अंगूठे पर टिकी रही तो समझ लीजिए मावा एकदम शुद्ध है।

2. हथेली पर मावे की एक गोली बनाएं और उसे देर तक दोनों हथेलियों के बीच घूमाते रहें। अगर ये गोली फटने लगे तो समझ जाइए कि मावा नकली या मिलावटी है।

3. 5 मिलीलीटर गर्म पानी में करीब 3 ग्राम खोया डालें। थोड़ी देर ठंडा होने के बाद इसमें आयोडीन सॉलूशन डालें। इसके बाद आप देखेंगे कि नकली खोए का रंग धीरे-धीरे नीला पड़ने लगेगा।

4. आप चाहें तो मावा खाकर भी असली-नकली की परख कर सकते हैं। अगर मावे में चिपचिपाहट महसूस हो रही है तो समझ लीजिए कि वो खराब हो चुका है। असली मावा खाने पर कच्चे दूध जैसा स्वाद आएगा।

5. पानी में मावा डालकर फेंटने पर अगर वो छोटे-छोटे टुकड़ों में टूटता है तो ये उसके खराब होने की निशानी है। दो दिन से ज्यादा पुराना मावा खरीदने से बचें। इसे खाने से आपकी सेहत खराब हो सकती है।

6. अगर आप घर में ही मावा की मिठाई बना रहे हैं तो कच्चे मावा की बजाय सिंका हुआ मावा खरीदें। इससे बनी मिठाई का स्वाद भी ज्यादा बेहतर होगा और इसके जल्दी खराब होने की संभावना भी कम होती है।

डॉक्टर्स कहते हैं कि नकली मावे से बनी मिठाई खाने से आपकों फूड पॉइजनिंग, उल्टी, पेट दर्द की समस्या हो सकती है।

नकली मावे से बनी मिठाइयां किडनी और लिवर के लिए भी बड़ा खतरा बन सकती हैं।
नकली मावा आपकी पाचन क्रिया को भी बाधित करता है जिससे आपको अन्य पेट संबंधित रोग हो सकते हैं।

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