इंतजार खत्म, कुछ ही देर में आएगा अयोध्या भूमि विवाद पर ऐतिहासिक फैसला, कई राज्यों में स्कूल-कॉलेज बंद

ayodhya decision

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पिछले 5 सदी से चलता आ रहा है, लेकिन आज आखिरकार इस विवाद पर फैसला आने का दिन है। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान बेंच सुबह 10:30 बजे अयोध्या पर फैसला सुनाएगी। इसके मद्देनजर गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।


दिल्ली और अयोध्या में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

जानकारी के मुताबिक, ठीक 10:30 बजे सभी पांचों जज बैठ जाएंगे और पांच लिफाफे फाड़े जाएंगे, जिनके अंदर अयोध्या का फैसला है। इसके बाद अयोध्या का फैसला पढ़ा जाएगा। फैसला आने से पहले सुप्रीम कोर्ट के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। साथ ही पूरे इलाके में धारा 144 भी लागू कर दी गई है। अयोध्या में भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अयोध्या में अर्धसैनिक बलों के करीब 4000 जवानों को तैनात किया गया है। साथ ही सभी संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं जिससे कि देश में कहीं भी कोई अप्रिय घटना न हो। पूरी अयोध्या नगरी पर ड्रोन से निगरानी की जा रही है। स्थानीय प्रशासन ने अयोध्या को लेकर कई कमेटियां बनाई हैं, जिसमें शामिल लोग जिले के गांवों में जाकर लोगों से शांति और प्रेम बनाए रखने की अपील कर रहे हैं।

सोमवार तक सभी स्कूल-कॉलेज बंद

अहतियात के तौर पर यूपी में सोमवार तक सभी स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। यूपी के अलावा दिल्ली, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान की सरकारों ने भी शनिवार को सभी स्कूल-कॉलेज बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं। जम्मू-कश्मीर में भी फैसले को मद्देनजर रखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

पीएम मोदी ने की शांति बनाए रखने की अपील

फैसला आने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर सभी देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पीएम मोदी ने ट्वीट में लिखा कि, ‘अयोध्या पर शनिवार को सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आ रहा है। पिछले कुछ महीनों से सुप्रीम कोर्ट में निरंतर इस विषय पर सुनवाई हो रही थी, पूरा देश उत्सुकता से देख रहा था। इस दौरान समाज के सभी वर्गों की तरफ से सद्भावना का वातावरण बनाए रखने के लिए किए गए प्रयास बहुत सराहनीय हैं।’

पांच जजों की बेच करेगी सुनवाई

अयोध्या मामले में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई में पांच जजों की पीठ मामले की सुनवाई करेगी। इस पीठ में रंजन गोगोई के अलावा जस्टिस एसए बोबड़े, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नजीर शामिल हैं। इन पांचों जजों ने मिलकर ही अयोध्या विवाद की सुनवाई की है। करीब 40 दिनों तक लगातार इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। 16 अक्टूबर को सुनवाई खत्म हुई, जिसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

2010 में आया था इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला

बता दें इससे पहले साल 2010 में अयोध्या विवाद पर 30 सितंबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला आया था। कोर्ट ने अपने फैसले में 2.77 एकड़ जमीन को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्माही अखाड़ा और रामलला के बीच बांटने का आदेश दिया था। लेकिन हाई कोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। जिस पर लंबी सुनवाई के बाद आज आखिरकार अंतिम फैसला आने वाला है।

ये भी पढ़े…

शनिवार सुबह 10:30 बजे अयोध्या मामले पर फैसला सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट

अयोध्या विवाद : ये हैं राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद के 10 प्रमुख चेहरे

पांच सदी पुराना है अयोध्या विवाद, जानें शुरू से लेकर अब तक की कहानी

मुस्लिम पक्ष के वकील द्वारा अयोध्या का नक्शा फाड़ने पर बवाल, भड़के वेदांती ने कहा- दर्ज कराऊंगा केस

Related posts