अयोध्या: राम मंदिर भूमि पूजन का एक साल, 2023 तक गर्भगृह में विराजमान हो जाएंगे रामलला

चैतन्य भारत न्यूज

अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के एक साल पूरे हो गए हैं। एक साल पहले 5 अगस्त को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भव्य मंदिर की नींव रखी थी। उसके बाद से रामनगरी की किस्मत चमक गई है। अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर की तैयारियां जोरों पर है। जैसे-जैसे मंदिर निर्माण का काम रफ्तार पकड़ रहा है, वैसे-‌‌‌‌वैसे अयोध्या भी बदल रही है। मंदिर की नींव भरने का काम करीब 60% पूरा हो चुका है। राम मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि, 2023 तक रामलला मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हो जाएंगे। हालांकि इसके बाद भी मंदिर के ऊपरी फ्लोर पर काम चलता रहेगा।

मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद एक साल के दौरान अयोध्या का विकास भी कई गुना तेज हुआ है। यहां बीते दो सालों में जमीन की कीमतें 8 गुना तक महंगी हुई हैं। अयोध्या में जमीन की खरीद-फरोख्त इतनी तेजी से हो रही है कि यूपी सरकार को आदेश जारी कर यहां जमीन की बिक्री पर रोक लगानी पड़ी, क्योंकि सरकार को खुद के कई प्रोजेक्ट के लिए जमीन की जरूरत होगी।

राम मंदिर कार्यशाला में रोजाना हजारों श्रद्धालु आते हैं। जबसे मंदिर का शिलान्यास हुआ है, तबसे उनकी आस बढ़ गई है कि अब रामलला का मंदिर के काम में तेजी आएगी। कारसेवकपुरम में पत्थरों की सफाई का काम तेजी पर है। पत्थरों को साफ करके राम जन्मभूमि स्थल पर पहुंचाया जा रहा है।

भव्य राम मंदिर की नींव 44 परतों में बनाई जानी है, जिसमें से 25 परतें पूरी हो चुकी हैं। मंदिर निर्माण के साथ ही अब रामलला को अन्य सुविधाएं देने की भी तैयारी की जा रही है।

अयोध्या के साधु संत मंदिर निर्माण की प्रगति देखकर गदगद हैं। उनका बरसों पुराना सपना पूरा जो हो रहा है। अयोध्या में राम मंदिर की प्रगति का काम खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देखरेख में चल रहा है। योगी खुद रामभक्त हैं, उनके गुरु महंत अवैद्यनाथ तो राम मंदिर आंदोलन से जुड़े हुए थे।

राम मंदिर निर्माण की पहली वर्षगांठ पर कोई आधिकारिक भव्य कार्यक्रम नहीं हो रहा है, लेकिन अयोध्या के लोगों की खुशी की कोई सीमा नहीं है, जो मानते हैं कि पिछले एक साल में बहुत बदलाव आया है।

32 साल की रेशमा ने कहा कि पिछले साल भूमि पूजन के बाद से सब कुछ बदल गया है। शहर के विकास के लिए हजारों करोड़ की परियोजनाओं की घोषणा की गई है। कुछ शुरू हो गए हैं और कुछ डीपीआर तैयार हैं।

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