राम रहीम ने खेती के लिए मांगी पैरोल, जबकि खुद के नाम पर नहीं है भूमि, पैरोल मिलना मुश्किल

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चैतन्य भारत न्यूज

सिरसा. साध्वियों के साथ यौन शोषण के आरोप में सजा काट रहा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने खेती के लिए पैरोल की मांग की है। 20 साल की सजा भुगत रहा राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आने के लिए बेताब है। लेकिन उसे पैरोल मिलना मुश्किल लग रहा है।

सिरसा के तहसीलदार ने एक रिपोर्ट में बताया है कि, ‘डेरे के पास कुल 250 एकड़ भूमि है। इसमें राम रहीम मालिक नहीं है। यह पूरी भूमि डेरा सच्चा सौदा ट्रस्ट के ही नाम है। इसी वजह से प्रशासन की नजर में पैरोल का आधार नहीं बन रहा है।’ डीसी अशोक कुमार गर्ग ने बताया कि इसकी एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट को जल्द से जल्द तैयार कर इसे जेल प्रशासन को भेजा जाएगा। बता दें सिरसा प्रशासन की रिपोर्ट आने के बाद ही रोहतक जेल प्रशासन कोई फैसला ले सकेगा।

बताया जा रहा है कि जेल से बाहर आने के बाद राम रहीम बिखरे हुए डेरा सच्चा सौदा में फिर से जान फूंकना चाहता है। उसका बाहर आना कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती पैदा कर सकता है। ऐसे में पंचकूला में एक बार फिर हिंसा जैसी स्थिति पैदा होने के खतरे के कारण सरकार किसी तरह की रिस्क नहीं लेना चाह रही है।

वहीं हरियाणा सरकार राम रहीम को वापस डेरे में पहुंचाने की तैयारी कर रही है। खास बात ये है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, जेल मंत्री कृष्ण पवार और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने खुद ही राम रहीम को पैरोल देने की पैरवी की है। कृष्ण लाल पंवार और अनिल विज ने तो इतना तक कहा है कि, किसी भी कैदी को पैरोल का अधिकार है। इसलिए राम रहीम भी एक आम इंसान के अधिकार के चलते पैरोल का हकदार है।

बता दें दो साल पहले साध्वियों के साथ यौन शोषण मामले में राम रहीम को दोषी करार देने के बाद पंचकूला में डेरा प्रेमियों ने जमकर हिंसा की थी। इस हिंसा में अर्द्धसैनिक बल और पुलिस की गोली से तीन दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में वह 20 साल की सजा काट रहा है। पिछले दो साल से वह जेल में बंद है। पिछले साल भी राम रहीम ने पैरोल की मांग की थी। उस समय उसने अपनी गोद ली बेटी की शादी में शामिल होने के लिए पैरोल की अर्जी दी थी, लेकिन उसे भी खारिज कर दिया गया था।

राम रहीम की दुनिया मायावी और रहस्यमयी थी। उसने कई फिल्में बनाई थी, जिसके माध्यम से वो लोगों को ये बताने की कोशिश करता था कि दुनिया में उससे बड़ा गुरु कोई नहीं है। उसकी हर फिल्म में यह दिखाने की कोशिश की गई थी थी कि फिल्म देखने के बाद लोग न केवल उसके भक्त हो जाएं बल्कि उसका गुणगान भी करने लगें। वह अपनी हर फिल्म में ‘मैसेंजर ऑफ गॉड’ के तौर पर नजर आता था। उसने डेरा में ही खुद का स्टूडियो बनाया था। वहीं पर फिल्म से संबंधित सभी काम होते थे। बताया जाता है कि राम रहीम को फिल्मी दुनिया में लाने वाली कोई और नहीं बल्कि उसकी कथित मुंह बोली बेटी हनीप्रीत थी। हनीप्रीत राम रहीम के कपड़ों की डिजाइनिंग से लेकर उसके स्टाइल और मेकअप का पूरा ख्याल रखा करती थी। साथ ही वह फिल्म में हीरोइन के तौर पर भी काम करती थी।

 

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