96 साल की उम्र में पिता बनने वाले रामजीत राघव की 104 साल की उम्र में मौत, कमरे में आग लगने से जिंदा जले

चैतन्य भारत न्यूज

सोनीपत. देश के सबसे उम्रदराज पिता माने जाने वाले रामजीत राघव की मंगलवार रात को मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, रामजीत राघव के कमरे में आग लगने से वो बुरी तरह से झुलस गए थे। उन्हें इलाज के लिए पीजीआइ अस्पताल, रोहतक में ले जाया गया जहां उनकी मौत हो गई।


पत्नी और बेटे हो गए थे लापता

बता दें रामजीत राघव 96 वर्ष की उम्र में पिता बनकर मशहूर हुए थे। उनकी पत्नी शकुंतला मानसिक रूप से दिव्यांग थीं। 2012 में रामजीत राघव की पत्नी ने बेटे को जन्म दिया था। इससे पहले 2009 में भी वह एक बेटे के पिता बने थे। 104 साल के रामजीत राघव हरियाणा के खरखौदा के वार्ड 9 के निवासी थे। साल 2012 में उनका बड़ा बेटा विक्रमजीत लापता हो गया था और उसके दो साल बाद पत्नी और छोटा बेटा लापता हो गए थे। इसके बाद से ही रामजीत तंगहाली से गुजर रहे थे।

सोते हुए बुरी तरह से झुलस गए

रामजीत एक साल पहले तक एक बाग में मजदूरी करते थे। लेकिन कुछ समय पहले उनके पैर में चोट लग गई थी। इसके बाद से वे चलने-फिरने में असमर्थ थे। जानकारी के मुताबिक, रामजीत मंगलवार की शाम को अपने घर पर थे। किसी कारण से उनकी चारपाई में आग लग गई थी और वह सोते हुए ही बुरी तरह से झुलस गए। पहले उन्हें गंभीर हालत में खरखौदा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती करवाया गया था, जहां से पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया गया। वहां उनकी मौत हो गई।

ऐसे आए सुर्खियों में

जब रामजीत 96 साल की उम्र में पिता बने थे तो देश ही नहीं बल्कि विदेशी मीडिया भी उनका इंटरव्यू लेने खरखौदा पहुंची थी। यहां तक की पेटा (पशुओं के साथ नैतिक व्यवहार के पक्षधर लोग) ने तो रामजीत राघव के शाकाहारी होने के कारण उन्हें अपनी पत्रिका में भी जगह दी थी। इतना ही नहीं बल्कि अमेरिका की बोनिता स्प्रिंग हिस्टोरिकल सोसाइटी ने रामजीत को उस समय 10 डॉलर सहायता राशि भी भेजी थी।

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