492 साल बाद अस्थाई मंदिर में चांदी के सिंहासन पर विराजे रामलला, सीएम योगी भी रहे मौजूद, देखें तस्वीरें

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चैतन्य भारत न्यूज

अयोध्या. कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन के बीच आज चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष के दिन अयोध्या में रामलला ने 492 साल बाद अपना नया आसन ग्रहण कर लिया है। आज रामलला त्रिपाल से निकलकर बुलेटप्रूफ अस्थाई मंदिर में विराजमान हो गए हैं।


चांदी के सिंहासन पर विराजे रामलला

दो दिन के वैदिक अनुष्ठान के बाद बुधवार सुबह 4 बजे रामलला को अस्थाई मंदिर में शिफ्ट किया गया। चैत्र नवरात्रि के ब्रह्म मुहूर्त में रामलला की मूर्ति को चांदी के सिंहासन पर रखा है। फिर मंत्रोच्चार के साथ उनकी विधि-विधान से पूजा की गई। भगवान के वस्त्र बदले गए और उसके बाद आरती हुई।

सीएम योगी ने दिया 11 लाख का चेक

इस दौरान उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी वहां मौजूद थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर के निर्माण के लिए 11 लाख रुपए का चेक भी दिया। उन्होंने ट्विटर के जरिए इसकी जानकारी दी। सीएम योगी ने ट्वीट में लिखा कि- ‘अयोध्या करती है आह्वान… भव्य राम मंदिर के निर्माण का पहला चरण आज सम्पन्न हुआ, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम त्रिपाल से नए आसन पर विराजमान… मानस भवन के पास एक अस्थायी ढांचे में ‘रामलला’ की मूर्ति को स्थानांतरित किया। भव्य मंदिर के निर्माण हेतु 11 लाख रुपए का चेक भेंट किया।’ सीएम योगी ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह भी कहा कि, ‘रामलला के मंदिर निर्माण का पहला चरण पूरा हो गया है। जल्द ही भव्य मंदिर बनकर तैयार होगा।’

कोरोना वायरस का किया जिक्र

नवनिर्मित वैकल्पिक गर्भगृह में रामलला के विराजमान होने के बाद सीएम योगी ने देश की जनता को चैत्रशुक्ल प्रतिपदा और नवसंवत्सर की बधाई दी। उन्होंने कहा कि, ‘श्रीरामलला अपने नए आसन पर विराजमान होकर हम सब पर अपनी कृपा और आशीर्वाद निरंतर प्रदान करते रहेंगे।’ मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस का जिक्र करते हुए कहा कि, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेत्रत्व में प्रदेश वर्तमान में जिस नई वैश्विक बीमारी से सामना करने के लिए तैयार हुआ है उसका दुनियाभर के तमाम संगठनों ने इसकी सराहना की है।’

अनुष्ठान ये लोग हुए थे शामिल

रामजन्मभूमि परिसर में चल रहे अनुष्ठान में सीएम योगी के अलावा मंदिर के प्रधान पुजारी सत्येंद्र दास व ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास के उत्तराधिकारी कमल नयन दास, श्रीराम जन्मभूमि तीथ क्षेत्रट्रस्ट के महामंत्री चंपतराय भी मौजूद थे।

जयपुर के कारीगरों ने बनाया सिंहासन

भगवान श्री रामलला का चांदी का यह सिंहासन 9.5 किलोग्राम का है। यह सिंहासन अयोध्या राजपरिवार के द्वारा रामलला को भेंट किया गया है। इसे जयपुर के कारीगरों ने बनाया है। सिंहासन 25 इंच लंबा, 15 इंच चौड़ा और 24 इंच ऊंचा है। सिंहासन के पृष्ठ पर सूर्य देव की आकृति और दो मोर उत्कीर्ण किए गए हैं।

कैसा है अस्थाई मंदिर

बता दें भगवान रामलला का नया भवन जर्मन और इस्टोनिया पाइन से निर्मित है। मंदिर की लम्बाई 24 फिट, चौड़ाई 14 फिट और ऊंचाई 19 फिट है। इसके ऊपर 35 इंच का शिखर है। मंदिर निर्माण में इस्तेमाल की गई लकड़ी की खास बात यह है कि यह सभी मौसम में एक जैसी ही रहती है। भव्य मंदिर निर्माण पूरा होने तक रामलला इसी लकड़ी के मंदिर में विराजित रहेंगे।

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