रणजीत बच्चन हत्याकांड: पति के अवैध संबंध का था शक, इसलिए पत्नी स्मृति ने प्रेमी संग मिलकर करवा दिया कत्ल

ranjeet bachchan

चैतन्य भारत न्यूज

लखनऊ. विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन की हत्या उनकी दूसरी पत्नी स्मृति ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर करवा दी थी। गुरुवार को पुलिस ने स्मृति और उसके प्रेमी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान स्मृति ने कई अहम खुलासे किए हैं।


पति से बदला लेने के लिए करवा दी हत्या

स्मृति ने पुलिस को बताया कि, उसने अपने पति से अपमान का बदला लेने और उनसे पीछा छुड़ाने के लिए वारदात को अंजाम दिया। इस वारदात में स्मृति के साथ उसका प्रेमी रायबरेली का दीपेंद्र, उसका भाई जितेंद्र व चालक संजीत शामिल था। पुलिस ने इस मामले में गोरखपुर में पकड़े गए प्रापर्टी डीलर समेत चार लोगों को छोड़ दिया है। उन्हें संदेह के आधार पर पकड़ा गया था।

दूसरी पत्नी की शादी में बाधा बन रहे थे रणजीत

स्मृति ने बताया कि, उसे रणजीत की पहली शादी के बारे में कुछ भी नहीं पता था। शादी के कुछ समय बाद उसे यह पता चला था कि रणजीत के कई महिलाओं से संबंध हैं। जब स्मृति ने इसे लेकर विरोध किया तो रणजीत उससे मारपीट करने लगा। इसके बाद स्मृति रणजीत को छोड़कर अपने विकासनगर स्थित घर आ गई। पति से अलग होने के बाद स्मृति की दीपेंद्र से मुलाकात हुई। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे लेकिन रणजीत बीच में बाधा बन रहा था।

रणजीत की रेकी कर रही थी हत्यारे

स्मृति ने बताया कि, रणजीत ने उसे सिकंदरबाग चौराहे पर थप्पड़ भी मारे। फिर स्मृति ने दीपेंद्र को इस बारे में बताया। इसके बाद दोनों ने मिलकर रणजीत की हत्या की योजना बनाई। इस साजिश में दीपेंद्र ने अपने भाई जितेंद्र व चालक संजीत को भी शामिल किया। फिर तीनों कार से रायबरेली से लखनऊ गए और 21 जनवरी की रात वहीं होटल में ठहरे। इसके बाद 28 व 29 जनवरी को भी वे लखनऊ में ही रहकर रणजीत की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए थे। उन्होंने लगातार तीन दिन तक रणजीत के ओसीआर स्थित आवास से मार्निंग वॉक पर जाने वाले रास्ते की रेकी की।

29 जनवरी को होने वाली थी हत्या

उन्होंने पहले 29 जनवरी को ही हत्या करने की प्लानिंग की थी लेकिन उस दिन रणजीत मार्निंग वॉक पर गए ही नहीं। फिर वे तीनों रायबरेली लौट गए। इसके बाद 1 फरवरी को दीपेंद्र, संजीत और जितेंद्र देर रात दो बजे रायबरेली से निकले और रविवार सुबह करीब 5 बजे लखनऊ पहुंचे। लखनऊ में हजरतगंज चौराहे पर संजीत ने दीपेंद्र और कैपिटल सिनेमा तिराहे के पास जितेंद्र को उतारा। इसके बाद जब रणजीत मार्निंग वॉक पर निकले तो ग्लोब पार्क के पास जितेंद्र ने उन्हें गोली मार दी। हत्या करने के बाद तीनों भागने के लिए फैजाबाद रोड होकर हैदरगढ़ गए और वहां से रायबरेली पहुंचे। फिर वे रायबरेली से मुंबई निकल गए।

वारदात का खुलासा करने वाली टीम को मिले 5 लाख रुपए

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि, रणजीत की हत्या के बाद से ही पुलिस स्मृति पर लगातार नजर रखे हुए थी। सर्विलांस से स्मृति की कॉल डिटेल से एक संदिग्ध नंबर चिह्नित किया, जो दीपेंद्र का था। इसके अलावा हत्यारों के फुटेज भी मिले थे। जांच पड़ताल के दौरान दीपेंद्र के मुंबई में होने की खबर मिली, जिसके बाद पुलिस ने उसे वहां से गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल शूटर जितेंद्र की तलाश की जा रही है। पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। वहीं गृह विभाग ने हत्या की इस वारदात का खुलासा करने वाली टीम को पांच लाख रुपये का इनाम दिया है।

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