रतन टाटा भारत रत्न से सम्मानित करने के लिए ट्विटर पर चल रहा अभियान, टाटा ने कहा- मुझे भारतीय होने पर गर्व, इस कैंपेन को बंद कर दीजिए

ratan tata

चैतन्य भारत न्यूज

जाने-माने उद्योगपति रतन टाटा ने एक बार फिर अपने नम्र और जमीन से जुड़े होने का सबूत दिया है। देश के सबसे बड़े दानकर्ता उद्योगपतियों में शुमार रतन टाटा को भारत रत्न दिलाने के लिए इन दिनों सोशल मीडिया पर #BharatRatnaForRatanTata नाम से अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, अब खुद टाटा ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करके यह अभियान रोकने का निवेदन किया है।

मैं भाग्यशाली हूं कि मैं एक भारतीय हूं: रतन टाटा

रतन टाटा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि, ‘मैं एक पुरस्कार को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स की ओर से व्यक्त की गई भावनाओं की सराहना करता हूं। मैं सोशल मीडिया यूजर्स से अनुरोध करता हूं कि इस तरह के अभियानों को बंद कर दिया जाए। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मैं एक भारतीय हूं और भारत की वृद्धि और समृद्धि के लिए प्रयास कर रहा हूं।’


ऐसे शुरू हुई भारत रत्न देने की मांग

दिग्गज कारोबारी रतन टाटा को भारत रत्न देने की मांग ट्विटर पर तब से शुरू हुई जब मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. विवेक बिंद्रा ने रतन टाटा को भारत रत्न दिए जाने की मांग से संबंधित ट्वीट किया था। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा था कि, ‘रतन टाटा का मानना है कि आज के उद्यमियों की पीढ़ी भारत को अगले स्तर पर ले जा सकती है। भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति रतन टाटा को हम भारत रत्न दिए जाने की मांग करते हैं। हमारी इस मुहिम से जुड़िए और इस ट्वीट को ज्यादा से ज्यादा रीट्वीट कीजिए।’ इसके बाद ट्विटर पर Ratan Tata और BharatRatnaForRatanTata हैशटैग टॉप ट्रेंड में आ गया था।

रतन टाटा को ट्रू नेशनलिस्ट करार दिया

रतन टाटा की भारत रत्न को लेकर प्रतिक्रिया आने के बाद सोशल मीडिया यूजर उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने रतन टाटा को ‘ट्रू लेजेंड’ और ‘ट्रू नेशनलिस्ट’ करार दिया है। कई यूजर्स रतन टाटा को रोल मॉडल और रियल हीरो भी कर रहे हैं।

सामाजिक कार्यों की वजह से चर्चा में रहते हैं रतन टाटा

रतन टाटा अपने सामाजिक और परोपकारी कार्यों की वजह से चर्चा में बने रहते हैं। कोरोना महामारी से लड़ाई के लिए रतन टाटा ने टाटा ट्रस्ट से 500 करोड़ रुपए दान दिए थे। इसके अलावा टाटा संस ने भी 1000 करोड़ रुपए का दान दिया था। इस प्रकार टाटा ग्रुप की ओर से कुल 1500 करोड़ रुपए का दान दिया गया। इसके अलावा टाटा ट्रस्ट शिक्षा, गरीबी मिटाने, कुपोषण मिटाने, पशुओं की मदद करने जैसे सामाजिक कार्यों से भी जुड़ा है।

क्या है भारत रत्न

भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और यह सम्मान असाधारण राष्ट्रीय सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है। इस सम्मान की स्थापना 2 जनवरी 1954 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी। शुरुआत में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं था, लेकिन साल 1955 में बाद में यह प्रावधान जोड़ा गया। अब तक 48 शख्सियतें भारत रत्न से सम्मानित हो चुकी हैं। हर साल भारत रत्न के लिए अधिकतम तीन लोगों को चयनित किया जा सकता है।

भारत रत्न सम्मान में एक पदक और प्रशस्ति पत्र (Praise Letter) दिया जाता है। पीपल के पत्ते के आकार के इस पदक पर प्लेटिनम का चमकता सूर्य बना होता है जिसके नीचे चांदी से ‘भारत रत्न’ लिखा रहता है। इस पदक का आकार 5.8 सेमी लंबा और 4.7 सेमी चौथा और 3.1 मिमी मोटाई का होता है। यह पदक तांबे का बना होता है। इसे सफेद फीते के साथ गले में पहना जाता है।

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