RBI ने घटाया रेपो रेट, सभी तरह के लोन होंगे सस्ते, बैंकों को दी तीन महीने ईएमआई में राहत देने की सलाह

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. कोरोना वायरस महामारी से दुनियाभर में हजारों लोगों की मौत हो रही है। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए भारत को भी 21 दिनों के लिए लॉकडाउन कर दिया गया है। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान हो रहा है। अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए और आम जनता को लॉकडाउन के दौरान कोई असुविधा न हो, इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने महत्वपूर्ण ऐलान किए हैं। उन्होंने सभी तरह के लोन सस्ते किए गए। आरबीआई ने के मुताबिक, रेपो रेट में 75 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। इस कटौती के बाद रेपो रेट 5.15 से घटकर 4.45 फीसदी पर आ गई है।

  • आरबीआई ने बैंकों को लोन की ईएमआई दे रहे लोगों को 3 महीने तक के राहत की सलाह भी दी है। बता दें आरबीआई का यह आदेश नहीं सिर्फ सलाह है। यानी बैंकों को यह तय करना है कि वो आम लोगों को ईएमआई पर छूट दे रही हैं या नहीं।
  • रेपो रेट 5.15 फीसदी से घटकर 4.45 फीसदी हो गई है। इससे सभी तरह के कर्ज सस्ते होंगे।
  • रेपो रेट कटौती का फायदा होम, कार या अन्य तरह के लोन सहित कई तरह के ईएमआई भरने वाले करोड़ों लोगों को मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही नए लोन लेने वाले ग्राहकों को भी फायदा मिलेगा।
  • रेपो रेट में 75 आधार अंकों की कटौती। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) के छह में से चार सदस्यों ने रेट कट के पक्ष में वोट किया।
  • आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट में भी 0.90 फीसदी की कटौती की है। अब यह 4.90 फीसदी से घटकर चार फीसदी हो गई है।
  • आरबीआई ने जीडीपी ग्रोथ रेट और महंगाई रेट को लेकर आंकड़े नहीं जारी किए हैं ये पहली बार है जब आरबीआई ने आंकड़े पेश नहीं किए हैं।
  • आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि कोविड-19 के चलते अर्थव्यवस्था को होने वाले खतरे को देखते हुए एमपीसी ने समय से पहले ही समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक 24 से 27 मार्च तक चली।
  • शक्तिकांत दास ने बताया कि, कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में 100 बेसिस प्वाइंट की कटौती करके 3 प्रतिशत कर दिया गया है। यह एक साल तक की अवधि के लिए किया गया है।
  • आरबीआई गवर्नर ने लोगों से डिजिटल बैंकिंग की सलाह दी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बैंकिंग सिस्टम सुरक्षित और मजबूत है।
  • दास ने कहा है कि उनका ध्यान आर्थिक स्थिरता पर है और विश्व के कई देश कोरोना वायरस की महामारी से लड़ रहे हैं। देश में लॉकडाउन के चलते आर्थिक गतिविधियां ठप हैं। इसलिए आरबीआई का ध्यान लोगों को राहत देने में हैं।

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