RBI ने ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव, 4% बरकरार, सस्ती EMI के लिए करना होगा इंतजार

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चैतन्य भारत न्यूज

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को नई क्रेडिट पॉलिसी का ऐलान किया है। RBI ने इस बार भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समिति द्वारा लिए गए कई फैसलों की घोषणा की हैं।


कोरोना वायरस महामारी के चलते देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। ऐसे में केंद्रीय बैंक द्वारा किए जा रहे ऐलान सबसे अहम हैं। आम बजट 2021-22 पेश होने के बाद यह एमपीसी की पहली समीक्षा बैठक है। बता दें पिछली तीन मौद्रिक समीक्षा बैठकों में एमपीसी ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। रिजर्व बैंक ने आखिरी बार 22 मई 2020 में नीतिगत दरों संशोधन किया था।

आरबीआई ने इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, इसका मतलब रेपो रेट अभी भी 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी पर ही रहेगी। रेपो रेट का अर्थ RBI द्वारा बैंकों को दिए जाने लोन पर ब्याज दर है। खास बात यह है कि एक फरवरी को पेश बजट 2021-22 के बाद RBI की यह पहली बैठक है। रिजर्व बैंक ने पिछले साल फरवरी से अब तक रेपो रेट में कुल 115 बेसिस पॉइंट की कटौती की है।

बता दें आरबीआई की नजर राजकोषीय घाटे को कम करने पर है। यही कारण है कि एक्सपर्ट पहले ही इस बात का अंदाजा लगा रहे थे कि ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया जाएगा। साथ ही ब्याज दरों को पहले ही काफी कम किया जा चुका है, ऐसे में इस बार भी उम्मीद कम थी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातें

  • आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति के सदस्यों का आभार प्रकट किया।
  • आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यह चार फीसदी पर बरकरार है। एमपीसी ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया है। यानी ग्राहकों को
  • ईएमआई या लोन की ब्याज दरों पर नई राहत नहीं मिली है।
  • दास ने आगे कहा कि रिवर्स रेपो रेट को भी 3.35 फीसदी पर स्थिर रखा गया है।
  • इसके साथ ही बैंक रेट में भी कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया गया है। यह 4.25 फीसदी पर है।
  • मार्जिनल स्टैंडिंग फसिलिटी (MSF) रेट भी 4.25 फीसदी पर है।
  • इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक रुख को ‘उदार’ बनाए रखा है।
  • भारतीय रिजर्व बैंक ने अगले वित्त वर्ष 2021-22 में देश की जीडीपी में 10.5 फीसदी की तेजी का अनुमान लगाया है। बजट में यह 11 फीसदी होने का अनुमान लगाया गया था।

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