संविदाकर्मी, अतिथि शिक्षक और रोजगार सहायकों का होगा नियमितिकरण

चैतन्य भारत न्यूज।

भोपाल। मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने अतिथि शिक्षक, संविदा कर्मचारी एवं ग्राम पंचायतों में कार्यरत रोजगार सहायकों की मांगों को पूरा करने के लिए मंत्रीपरिषद का गठन कर दिया है। बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश के तीनों वर्गों के कर्मचारी सरकार से नाराज हो गए थे। इसीलिए कांग्रेस ने इन कर्मचारियों की मांगों को वचन पत्र में शामिल किया, जिसके चलते ही सरकार ने यह घोषणा की है। इस घोषणा से प्रदेश के पौने दो लाख से अधिक कर्मचारी लाभान्वित होंगे।

मंत्रि-परिषद समिति का गठन

सरकार की ओर से आधिकारिक प्रेस भी रिलीज कर दिया गया है जिसमें लिखा गया है कि राज्य शासन द्वारा अतिथि शिक्षकों, रोजगार सहायकों और अन्य संविदा कर्मचारियों के संगठनों से प्राप्त अभ्यावेदन, जो उनके स्थायीकरण और अन्य माँगों से संबंधित हैं और जिनमें वित्तीय भार निहित नहीं है, उस पर विचार कर निर्णय लेने के लिये मंत्रि-परिषद समिति का गठन किया गया है।

समिति तीन माह में सरकार को सौंपेगी रिपोर्ट

समिति के अध्यक्ष सामान्य प्रशासन मंत्री गोविंद सिंह होंगे। समिति में जनजातीय कार्य, विमुक्त, घुमक्कड़, जनजातीय कल्याण मंत्री ओंकार सिंह मरकाम, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी और आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री तरुण भनोत सदस्य होंगे। अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संयोजक और प्रमुख सचिव वित्त सदस्य होंगे। समिति तीन माह में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।

लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का मास्टरस्ट्रोक

कांग्रेस का पूरा ध्यान लोकसभा चुनावों पर है और इसी के चलते वह विभिन्न वर्गों को साधने की तैयारी में है। इससे पहले कांग्रेस ने किसानों और युवाओं पर फोकस किया था और अब वह कर्मचारियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। जिससे आगामी लोकसभा चुनावों में उसे राजनीतिक लाभ मिल सके।

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