गणतंत्र दिवस: पहली बार आसमान में गरजा राफेल, राजपथ पर दिखी देश की ताकत

चैतन्य भारत न्यूज

भारत आज अपने 72वें गणतंत्र दिवस का जश्न मना रहा है। इस बार गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान देश ने राजपथ पर पहली बार राफेल लड़ाकू विमानों की उड़ान के साथ टी-90 टैंकों, समविजय इलेक्ट्रॉनिक युद्धक प्रणाली, सुखोई-30 एमके आई लड़ाकू विमानों समेत अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया।

इस बार कोई मुख्य अतिथि नहीं

कोरोना महामारी के कारण 55 साल बाद पहली बार इस साल गणतंत्र दिवस पर कोई मुख्य अतिथि नहीं आए हैं। राजपथ पर त्रिनेत्र फॉर्मेशन ने फ्लाईपास्ट किया। राजपथ पर त्रिनेत्र फॉर्मेशन ने फ्लाईपास्ट किया। इसमें तीन सुखोई विमान ने आकाश में त्रिशूल बनाया। इस फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन एके मिश्रा ने किया। उनका साथ दिया 15 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर स्कवाड्रन लीडर आरसी कुलकर्णी ने।

परेड का समापन एकल राफेल विमान के फ्लाईपास्ट से हुआ

परेड का समापन एकल राफेल विमान के फ्लाईपास्ट के साथ हुआ। इसने आसमान में 900 किमी / घंटा की रफ्तार से वर्टिकल चार्ली की फॉर्मेशन बनाई। इसे शौर्य चक्र विजेता ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह ने उड़ाया। उनका साथ दिया 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर स्कवाड्रन लीडर किसलयकांत ने।

परेड में शामिल हुई बांग्लादेश की सेना

राजपथ पर पहली बार बांग्लादेश की सशस्त्र सेनाओं के 122 सैनिकों का मार्चिंग दस्ते ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। इस दस्ते का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल अबु मोहम्मद शाहनूर शावोन और उनके डिप्टी लेफ्टिनेंट फरहान इशराक और फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिबत रहमान ने किया। इस दस्ते में बांग्लादेश की थल सेना, नौसेना और वायुसेना के जवान शामिल रहे।

 

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