रिक्शावाले की रातोंरात पलटी किस्मत, 30 रुपए का लॉटरी टिकट खरीदकर बना 50 लाख का मालिक

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चैतन्य भारत न्यूज

कोलकाता. किस्मत ऐसी चीज है जो रंक को राजा तो राजा को रंक बना सकती है। पश्चिम बंगाल का एक रिक्शावाला जो बड़ी ही मुश्किल से परिवार चलाता था, वह नगालैंड की स्टेट लॉटरी में 50 लाख रुपए जीतने के साथ ही रातोंरात सुर्खियों में आ गया है।



बीरभूम के गुसकोरा निवासी गौर दास की रातोंरात किस्मत खुल गई। वह 30 रुपए की लॉटरी का टिकट खरीदकर 50 लाख रुपए के मालिक बन गए। इसकी पूरे गांव में चर्चा हो रही है, पर गौर दास के परिवार वालों को विश्वास नहीं हो रहा। खबरों के मुताबिक, दास और उनकी यूनियन के साथी पिकनिक जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन बारिश की वजह से उनकी तैयारी रद्द हो गई। एक लॉटरी विक्रेता ने दास पर टिकट खरीदने के लिए जोर डाला, जिसके बाद उन्होंने घर लौटते वक्त टिकट खरीद लिया। दास ने कहा कि, उस वक्त उनके पास केवल 70 रुपए ही थे, इसलिए वे टिकट नहीं खरीदना चाहते थे। लेकिन, जब लॉटरी बेचने वाला बार-बार टिकट खरीदने के लिए कहता रहा, तब दास ने 30 रुपए में एक टिकट खरीद ही लिया।

रविवार दोपहर दास एक दुकान पर लॉटरी का नतीजा देखने गए थे। दुकान पहुंचकर गौर दास ने देखा कि लॉटरी के नतीजों में उनका नाम पहले नंबर पर है और उन्होंने 50 लाख रुपए इनाम जीत लिया है। इस दौरान वह खुशी से झूम उठे और अपने परिवार को लॉटरी के बारे में बताया। लेकिन सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने घर के बाहर किसी को यह जानकारी नहीं दी। दास ने सोमवार को पास के बैंक में लॉटरी का टिकट जमा करा दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, दास अपनी विधवा मां, पत्नी और दो बेटियों समेत एक बेटे के साथ रहते हैं। परिवार को चला पाना उनके लिए इतना आसान नहीं था, जिसके चलते मां और पत्नी को दिहाड़ी मजदूरी करनी पड़ती थी। पेशे से रिक्शा चलाने वाले गौर दास समय बचा कर खुद भी मजदूरी करते थे। गौर का एक बेटा तीसरी कक्षा का छात्र है और बेटियों का हाल ही में प्राइमरी स्कूल में दाखिला कराया है। लॉटरी लगने के बाद दास का कहना है कि, इन पैसों का इस्तेमाल वे अपने बच्चों की अच्छी शिक्षा में करेंगे और साथ ही अपने परिवार का सपना पूरा करेंगे।

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