90 साल पुराना ‘लक्ष्मण झूला पुल’ हुआ बंद, अब और अधिक भार नहीं कर सकता सहन

lakshman jhula bridge,lakshman jhula bridge closed

चैतन्य भारत न्यूज

देहरादून. उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा नदी पर बना करीब 90 साल पुराना ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला पुल अब बंद कर दिया गया है। ब्रिटिश काल में निर्मित यह पुल करीब 450 फिट लंबा और 5 फिट चौड़ा है। जानकारी के मुताबिक, लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने इस पुल को बंद करवा दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि, यह पुल काफी जर्जर अवस्था में होने के कारण अब और अधिक भार सहन नहीं कर सकता। अब यह एक ओर से झुका हुआ नजर आ रहा है। पुल के ज्यादातर हिस्से भी कमजोर हो गए है और अब यह गिरने की स्थिति में आ गया है। इसलिए शुक्रवार से इस पुल से आम लोगों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है। हालांकि, सुधार के बाद इसे फिर से खोला जा सकता है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि, पहले विशेषज्ञों की एक टीम ने पुल की जांच की और इसके बाद ही इसे बंद किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, लक्ष्मण झूला पुल का निर्माण साल 1923 में किया गया था। यह पुल इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ नमूना भी है। गंगा नदी के ऊपर बने इस पुल की खूबसूरती देखने ही बनती है। यहां का नजारा हर किसी का मन मोह ले। इस पुल को देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से आते थे। लक्ष्मण झूला पुल अब ऋषिकेश की खास पहचान भी बन चुका है। इस पुल के बंद होने से स्थानीय लोगों को झटका लगा है। यह पुल टिहरी जिले में तपोवन गांव को नदी के पश्चिमी तट पर स्थित पौड़ी जिले से जोड़ता है। साथ ही इसके जरिए लोग तपोवन से गंगा पार कर पाते थे और इसी के जरिए वापस भी आ जाते थे।

लक्ष्मण झूला पुल की कुछ खास बातें-

  • लक्ष्मण झूला पुल 1930 में 11 अप्रैल को जनता के लिए खोला गया था। इस पुल का निर्माण 1927 से 1929 के बीच उत्तर प्रदेश पीडब्लूडी विभाग ने कराया था।
  • इस पुल पर कई फिल्मों की शूटिंग भी हो चुकी है। लक्ष्मण झूला पुल पर ही ‘गंगा की सौगंध’ और ‘संन्यासी’ फिल्म की शूटिंग हुई थी। साथ ही टीवी शो ‘सीआईडी’ में भी कई बार यह पुल दिखाया जा चुका है।
  • कहा जाता है कि भगवान श्री राम के छोटे भाई लक्ष्मण ने इसी स्थान पर जूट की रस्सियों के सहारे नदी को पार किया था। बाद में इस जगह पर झूला पुल बना दिया गया था। इसलिए इसका नाम लक्ष्मण झूला पुल रखा गया।

 

Related posts