मल्टी टास्किंग से बढ़ रहा है तनाव, जानें इसके नुकसान और इससे बचने के उपाय

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चैतन्य भारत न्यूज

मल्टी टास्किंग होना व्यक्ति का एक खास गुण माना जाता है। खासकर महिलाएं एक साथ कई काम करने की शक्ति रखती हैं लेकिन अब इसके दुष्प्रभाव भी सामने आने लगे हैं। महिलाओं के लिए कहा जाता है कि वो बहुत आसानी से मल्टी टास्किंग कर लेती हैं, लेकिन असल में ये जैसा दिखाई देता है वैसा होता नहीं है। एक साथ कई काम करने से महिलाओं का तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।



अक्सर घरों में ऐसे दृश्य आम होते हैं जहां मां घर के काम और बच्चों के बीच अपने निजी कामों को भी साथ ही निपटाने की कोशिश कर रही होती है। बार बार इस प्रक्रिया के दोहराव से अचानक वे क्रोध में आकर बच्चों पर चिल्लाने लगती हैं। गुस्से में कई बार काम भी बिगड़ जाता है। कहीं न कहीं इसका असर बच्चों के साथ माता-पिता के संबंधों पर भी पड़ता है। आइए जानते हैं मल्टी टास्किंग होने के नुकसान और इससे बचने के उपाय।

मल्टी टास्किंग के नुकसान

मल्टी टास्किंग हमारे तनाव को विभिन्न रूपों में बढ़ाता है। यह हमें विचलित कर देता है जिसे हम ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते और काम बिगड़ने लगते हैं। जिसके चलते चिंता बढ़ती है और इसका सीधा असर हमारी रचनात्मकता पर पड़ता है। मल्टी टास्किंग कौशल जरूर है लेकिन यह हमारी कुशलता को प्रभावित करता है।

‘अभ्यस्त’ जीवनशैली है मल्टी टास्किंग

मल्टी टास्किंग का आईडिया भले ही आपको सरल लगे लेकिन हमारा दिमाग एक समय में सिर्फ एक ही चीज पर ध्यान केंद्रित करने के लिए बना है। आज के समय में हमने अपने दिमाग को एक साथ कई काम करने के लिए प्रशिक्षित कर लिया है। दरअसल मल्टी टास्किंग हमारे मस्तिष्क को यह विश्वास दिलाता है कि हम हर काम सही ढंग से करने में सक्षम है लेकिन सच्चाई यह है कि इससे सिर्फ हमारा तनाव बढ़ता है। सच कहें तो आज हम सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश में एक अभ्यस्त जीवनशैली में बंधकर रह गए हैं।

मल्टी टास्किंग से बचने के उपाय

इस बात का डर मन से निकाल दें कि कई काम एक साथ नहीं निपटाए तो क्या होगा? इसलिए बेहतर होगा कि आप एक समय में केवल एक ही काम पर ध्यान दें। अगर आप पहले से ही थके हुए है तो सिंगल टास्किंग काम करें। कॉम्बिनेशन बनाकर काम करें या फिर कुछ काम ऐसे भी होते हैं जिन्हें हम म्यूजिक सुनते हुए भी कर सकते हैं।

सिंगल टास्किंग है बेहतर उपाय

हमें यह समझना होगा कि मल्टी टास्किंग हमारे स्वभाव से सीधे जुड़ी हुई है। इसलिए बार-बार आपा खोने से अच्छा है कि हम सिंगल टास्किंग को एक रणनीति के रूप में अपनाएं और काम को ज्यादा कुशलता से करें। हालांकि मल्टी टास्किंग एक मुश्किल से हासिल किया गया गुण है जिसे छोड़ना आसान नहीं है। लेकिन जैसे-जैसे हम सिंगल टास्किंग का अभ्यास करने लगेंगे यह आसान होता जाता है।

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