पति की लंबी आयु के लिए किया जाता है रोहिणी व्रत, ऐसे करें भगवान वासुपूज्य की पूजा

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चैतन्य भारत न्यूज

जैन समुदाय में रोहिणी व्रत का सबसे ज्यादा महत्व माना जाता है। हर महीने आने वाले इस व्रत को लोग पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ करते हैं। महिलाएं यह व्रत अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए करती हैं। इस व्रत में भगवान वासुपूज्य की पूजा की जाती है। इस बार यह व्रत 14 नवंबर को पड़ रहा है। आइए जानते हैं इस व्रत का महत्व और पूजा-विधि।



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रोहिणी व्रत का महत्व

यह व्रत महिलाओं के लिए अधिक महत्वपूर्ण माना गया है। वहीं जैन परिवारों की महिलाओं के लिए तो इस व्रत का पालन करना अति आवश्यक बताया गया है। इस पूजा में जैन धर्म के लोग भगवान वासुपूज्य की पूजा करते हैं। वासुपूज्य स्वामी को जैन धर्म के बारहवें तीर्थंकर के रूप में जाना जाता है। महिलाएं अपने पति की लंबी आयु एवं स्वास्थ्य के लिए करती हैं।

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रोहिणी व्रत की पूजा-विधि

  • इस दिन महिलाओं को  प्रात: जल्दी उठकर स्नान करके स्वच्छ कपड़े धारण करना चाहिए।
  • इस व्रत में भगवान वासुपूज्य की पूजा की जाती है।
  • पूजा के लिए वासुपूज्य भगवान की पांचरत्न, ताम्र या स्वर्ण प्रतिमा की स्थापना की जाती है।
  • पूजा के दौरान भगवान वासुपूज्य को फूल, फल और नैवेध्य का भोग लगाया जाता है।
  • इस दिन गरीबों को दान देने का भी महत्व होता है।
  • इस व्रत को रखने से धन और धान्य में वृद्धि होती है।

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