अयोध्या: भूमि पूजन से पहले उठी राम भगवान की मूछों वाली मूर्ति की मांग, जानिए पूरा मामला

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चैतन्य भारत न्यूज

पुणे. अयोध्या में पांच अगस्त को होने जा रहे भूमि पूजन को लेकर तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही हैं। इसी बीच यह मांग उठी है कि प्रस्तावित मंदिर में भगवान राम की मूर्ति की मूछें होनी चाहिए। यह मांग हिंदुत्व नेता संभाजी भिड़े द्वारा की गई है। इसके बाद सवाल खड़ा हो गया कि क्या भगवान राम की मूछें थीं। इसे लेकर अलग अलग बातें कही जाती रही हैं।

बता दें अयोध्या में बुधवार को राम मंदिर का भूमि पूजन होना है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की उम्मीद है। भिड़े ने पुणे के नजदीक सांगली में पत्रकारों से कहा, ‘मैंने गोविंद गिरिजी महाराज (मंदिर न्यास के एक न्यासी) से कहा है कि आप राम और लक्ष्मण की जिस मूर्ति की स्थापना करने जा रहे हैं, उनकी मूछें होनी चाहिए।’ भिड़े ने आगे कहा कि, ‘अगर आप यह भूल (भगवान राम की मूर्ति में मूछें न होना) नहीं सुधारते हैं, तो भगवान राम के मेरे जैसे भक्तों के लिये मंदिर का कोई अर्थ नहीं है।’ साथ ही उन्होंने मंदिर स्थल पर भूमि पूजन से पहले कहा कि, छत्रपति शिवाजी महाराज की एक तस्वीर की पूजा की जानी चाहिए।

जिस त्रेता युग में भगवान राम को माना गया, तब क्या होता था

गौरतलब है कि भगवान राम के जिस अवतार का वर्णन वेदों में हुआ है, उसमें कहीं भी यह उल्लेख नहीं मिलता है कि उनकी मूछें थीं या नहीं थीं, लेकिन वो जिस युग में धरती पर आए, उसको त्रेता युग माना जाता है, तब आमतौर पर सनातन धर्म में मूछों और धनी दाढ़ी रखने का रिवाज था।

इंदौर में भगवान राम का मूछों वाली मूर्ति का मंदिर

हालांकि देश में एकाध जगह भगवान राम के ऐसे मंदिर जरूर हैं, जहां उनके रूप में मूछों के साथ जोड़ा गया है। मध्य प्रदेश के इंदौर में श्रीराम का एक ऐसा मंदिर है, जहां उनकी मूंछे हैं। उनके अलावा लक्ष्मण की भी मूंछें हैं। कुमावतपुरा में स्थित इस मंदिर को 150 साल पुराना बताया जाता है।

हनुमान की भी मूर्ति में मूछें

लोगों में ऐसी भी मान्यता है कि यदि दशरथ की दाढ़ी-मूंछें हो सकती हैं तो राम की भी मूंछें जरूर होंगीं। इसके अलावा राजस्थान के एक मंदिर में हनुमान की मूर्ति की भी मूंछें हैं। यह मंदिर हनुमानजी की इन मूंछों के कारण ही लोकप्रिय है।

ब्रह्मा को छोड़कर अन्य देवता बगैर मूछों और दाढ़ियों के

बता दें हिंदू धर्म में ब्रह्मा को छोड़कर किसी देवता की तस्वीरों या मूर्तियों की मूछें सामान्यतः नहीं होतीं। कुछ जगहों पर शिव की मूर्तियों में मूंछें दिखाई पड़ती हैं लेकिन विष्णु, कृष्ण, राम और अन्य देवताओं की बिना मूंछों वाली मूर्तियां ही हमारी नजर में हैं। देवताओं की मूर्तियां आमतौर पर उनके चिर किशोर रूप में बनाई जाती है। इसे ध्यान में रखकर मूर्तियों या तस्वीरों में मूंछें नहीं बनाई जातीं।

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