सऊदी के प्रिंस की चेतावनी- अगर ईरान को रोकने में दुनिया साथ नहीं आई, तो आसमान छुएंगे तेल के दाम

saudi arabia crown prince

चैतन्य भारत न्यूज

सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको की दो रिफाइनरियों पर कुछ दिन पहले ही ड्रोन और मिसाइल से हमला किया गया था। इस हमले की जिम्मेदारी यमन के हूती विद्रोहियों ने ली थी, लेकिन सऊदी अरब और अमेरिका दोनों ही देशों ने इस हमले का जिम्मेदार ईरान को ठहराया था। इस हमले के बाद पहली बार सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का बयान सामने आया है।



उन्होंने कहा कि, ‘यदि दुनिया ईरान को रोकने के लिए साथ नहीं आई तो तेल के दाम अकल्पनीय रूप से बढ़ेंगे। ईरान की वजह से तेल की सप्लाई बाधित होगी और तेल के दाम इतने ऊपर पहुंच जाएंगे, जितने हमने अपने पूरे जीवन में नहीं देखे होंगे।’ एक अमेरिकी चैनल को दिए इंटरव्यू में क्राउन प्रिंस ने कहा कि, ‘सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर हमला ईरान की तरफ से युद्ध की शुरुआत थी। इसके बावजूद वह ईरान के साथ विवाद का सैन्य नहीं बल्कि राजनीतिक हल चाहते हैं। इसकी वजह युद्ध से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा।’

प्रिंस ने यह भी कहा कि, पूरी दुनिया को ईरान के खिलाफ कार्रवाई में शामिल होना होगा, वरना इससे सभी के हितों को नुकसान पहुंचेगा। जानकारी के मुताबिक, सऊदी अरब ने तेल संयंत्रों पर हमले के पीछे ईरान का हाथ बताने के लिए हथियारों की एक प्रदर्शनी भी रखी थी। उन्होंने दावा किया था कि, हूती विद्रोही इतने आधुनिक हथियार चला ही नहीं सकते हैं। वहीं ईरान लगातार इस हमले में अपना हाथ होने से इनकार कर रहा है।

वहीं यमन के हूती विद्रोहियों ने यह भी दावा किया है कि, उन्होंने एक बड़े हमले को अंजाम दिया है, जिसमें उन्होंने सऊदी अरब के 500 सैनिकों मारा डाला है और 2000 से अधिक सैनिकों को बंदी बना लिया। उन्होंने यह भी दावा किया है कि सऊदी की सेना के तीन ब्रिगेड ने सरेंडर भी किया है, जिनमें हजारों सैनिक शामिल हैं। साथ ही उन्होंने 350 किलोमीटर का इलाका सऊदी नियंत्रण से मुक्त भी कराया है। उन्होंने अपने दावे को साबित करने के लिए एक वीडियो भी जारी किया। हालांकि, उनके दावे पर अब तक सऊदी अरब की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

 

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