सावन का महीने भगवान शिव को इसलिए है अतिप्रिय

चैतन्य भारत न्यूज

सावन का महीना भगवान महादेव को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस महीने में भगवान शिव बहुत जल्द ही प्रसन्न होते हैं। इसी महीने में माता पार्वती ने उन्हें पाने के लिए तपस्या कर उन्हें प्रसन्न किया था और उसके बाद ही उन्होंने माता पार्वती से विवाह किया था। हिंदू धर्म में सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ को समर्पित है। ऐसे में सावन के सोमवार का महत्व और बढ़ जाता है। धामिक मान्यता है कि सावन के सोमवार को व्रत रखकर भगवान शिव की उपासना करने से उनकी कृपा बरसती है और सभी मनोरथ पूरे होते हैं। इस व्रत को सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सौभाग्य के लिए करती हैं, वहीं कुंवारी कन्याएं श्रेष्ठ पति की प्राप्ति के लिए करती हैं। इस साल 25 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो जाएगा। 25 जुलाई से 22 अगस्त तक सावन का महीना चलेगा।

सावन सोमवार 2021 व्रत लिस्ट

  • सावन का पहला सोमवार – 26 जुलाई 2021
  • सावन का दूसरा सोमवार – 2 अगस्त 2021
  • सावन का तीसरा सोमवार – 9 अगस्त 2021
  • सावन का चौथा सोमवार -16 अगस्त 2021

शिवजी को इसलिए प्रिय है श्रावण मास

पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार भगवान शिव को सावन का महीना इसलिए बेहद प्रिय है क्‍योंकि इसी महीने में माता सती से उनका पुर्नमिलन हुआ था। इसके पीछे पौराणिक कथा कुछ इस प्रकार है कि दक्ष पुत्री माता सती ने एक शाप की वजह से अपने जीवन को त्‍याग कर कई वर्षों तक शापित जीवन जीया। उसके बाद अगले जन्‍म में हिमालय पुत्री पार्वती के रूप में उनका जन्‍म हुआ। पार्वतीजी ने पिछले जन्‍म के पति भगवान शिव को पाने के लिए सावन के महीने में कठोर तप किया। इससे प्रसन्‍न होकर भगवान शिव ने उनकी मनोकामना पूरी की और उन्‍हें पत्‍नी का स्‍थान दिया। माता सती से पुनर्मिलन होने की वजह से इस भगवान शिव को यह महीना अतिप्रिय है।

यह भी है एक वजह

धार्मिक मान्‍यताओं में यह भी बताया गया है कि श्रावण मास में देवता और दानवों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था। इस समुद्र मंथन से हलाहल विष प्रकट हुआ था। इस विष से कोई हताहत न हो इसलिए भगवान शिव ने स्‍वयं इस विष को पी लिया था और इस वजह से ही उन्‍हें नीलकंठ नाम मिला। माना जाता है कि विष को पीने की वजह से उनके शरीर का ताप तेजी से बढ़ने लगा तो देवताओं ने उनके ऊपर जल डाला, तब जाकर शिवजी को राहत मिली। यही वजह से है कि शिवजी को जल से अति प्रेम है।

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