सावन के दूसरे सोमवार को इस विधि से करें पूजा-अर्चना, भोलेनाथ जरूर होंगे प्रसन्न

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चैतन्य भारत न्यूज

सावन का पहला सोमवार निकल गया अब दूसरा सोमवार 13 जुलाई को है। इस दिन व्रत रखकर विधि-विधान से शिवजी का पूजन-अभिषेक किया जाता है। आइए जानते हैं सावन सोमवार व्रत का महत्व और पूजा-विधि।

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सावन सोमवार व्रत का महत्व 

सावन का महीना भगवान शिव का अत्यंत प्रिय है, इस महीने में वह अधिक प्रसन्न रहते हैं। मान्यता है कि, सावन में आने वाले सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा जो कोई सच्चे मन से करता है भोलेनाथ उसकी हर मनोकामना पूरी करते हैं। आइए जानते हैं सावन सोमवार के व्रत के नियम और व्रत विधि।

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सोम प्रदोष व्रत की पूजा-विधि

  • सुबह स्नान कर स्वच्छ कपड़े धारण करें। इसके बाद भगवान शंकर को बेलपत्र, गंगाजल, अक्षत, धूप, दीप आदि चढ़ाएं और पूजा करें।
  • शाम को एक बार फिर स्नान कर भोलेनाथ की पूजा करें और दीप जलाएं।
  • व्रत के दौरान शाम को प्रदोष व्रत कथा पढ़ें। कहा जाता है कि, यह कथा दूसरों को सुनाने से विशेष लाभ मिलता है।
  • इसके अलावा फल और मिठाई भगवान को अर्पण करें।
  • मान्यता है कि रात में भी जागरण करना चाहिए और शिव सहित माता पार्वती और शिव-परिवार की पूजा करनी चाहिए।

सावन सोमवार के नियम

  • सावन में मांस-मदिरा से दूर रहना चाहिए। इससे ना सिर्फ आप पर जीवहत्या का पाप लगता है बल्कि आपका मन भी अशुद्ध होता है।
  • व्रत के दौरान किसी की बुराई न करें।
  • सावन सोमवार के दिन सुबह जल्दी उठकर भगवान शिव का ध्यान करें।
  • भूलकर भी भगवान शिव को तुलसी का पत्ता, हल्दी और केतकी का फूल अर्पित न करें।
  • इस दिन बड़े-बुजुर्गों का अपमान न करें।

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