आज से कार, होम और अन्य सभी लोन लेना हुआ सस्ता, SBI ने घटाई ब्याज दर

sbi ,mclr

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास ने दो दिन पहले ही सभी बैंकों से कहा था कि, वह जल्द से जल्द रेपो रेट कट का फायदा ग्राहकों तक पहुंचाए। उनकी अपील के बाद ही बुधवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) में 5 पॉइंट्स की कटौती कर दी है। इस कटौती के बाद कार लोन, होम लोन और अन्य तरह के सभी लोन सस्ते हो गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, बैंकों ने सभी तरह के लोन के लिए ब्याज दरों में कटौती कर दी है। इस कटौती के बाद एक साल के लिए लोन पर ब्याज दर 8.45 प्रतिशत प्रतिवर्ष से घटकर 8.40 प्रतिशत प्रतिवर्ष हो गई है। एसबीआअई ने एक बयान में कहा कि, ‘इसके परिणामस्वरूप एमसीएलआर से जुड़े सभी लोन पर ब्याज दर 10 जुलाई, 2019 से पांच आधार अंक घट जाएगा।’ बता दें वित्तीय वर्ष 2019-20 में यह तीसरी बार है जब रेट दर में कटौती हुई है। इस कटौती से होम लोन 10 अप्रैल 2019 के बाद 0.20 फीसदी सस्ता हो गया है।

गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह भी कहा था कि, ‘रेपो रेट में अब तक 75 प्वाइंट्स की कटौती की जा चुकी है। लेकिन, ग्राहकों तक इसका एक तिहाई लाभ ही पहुंच पाया है।’ उन्होंने आगे बताया कि, ‘पहले के मुकाबले रेट कट ट्रांसमिशन में अब कम समय लगता है।’ शक्तिकांत दास के मुताबिक, इस काम में पहले कम से कम 6 महीने लगते थे, लेकिन अब महज 2 से 3 महीने में ही इसका लाभ ग्राहकों तक पहुंचने लगा है।

क्या है एमसीएलआर

मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट्स (MCLR) भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा तय की गई एक पद्धति है जो कॉमर्शियल बैंक्स द्वारा ऋण ब्याज दर तय करने के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसे भारत में नोटबंदी के बाद लागू किया गया है जिसकी वजह से लोन लेना थोड़ा आसान हो गया है। जब आप किसी बैंक से कर्ज लेते हैं तो बैंक द्वारा लिए जाने वाले ब्याज की न्यूनतम दर को आधार दर कहा जाता है। लेकिन अब इसी आधार दर की जगह बैंक एमसीएलआर का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी गणना धनराशि की सीमांत लागत, आवधिक प्रीमियम, संचालन खर्च और नकदी भंडार अनुपात को बनाए रखने की लागत के आधार पर की जाती है। यह आधार दर से थोड़ा सस्ता होता है। इसलिए होम लोन जैसे लोन्स भी इसके लागू होने के बाद से काफी सस्ते हुए हैं।

Related posts