कश्मीर से बैन हटाने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार, कहा- मामला संवेदनशील है, सरकार को वक्त मिलना चाहिए

चैतन्य भारत न्यूज 

नई दिल्ली. आर्टिकल 370 हटने के बाद से ही सरकार ने जम्मू-कश्मीर में तमाम तरह के बैन लगा रखे हैं। इन बैन को हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी। लेकिन कोर्ट ने धारा 144 हटाने की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि, यह मामला बेहद संवेदनशील है। इसके लिए सरकार को वक्त मिलना चाहिए।

बता दें इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से पूछा था कि, ये कब तक चलेगा? इसके जवाब में अटॉर्नी जनरल ने कहा था कि, ‘जैसे ही स्थिति सामान्य होगी, व्यवस्था भी सामान्य हो जाएगी। हम कोशिश कर रहे हैं कि लोगों को कम से कम असुविधा हो।’ बता दें 1999 से हिंसा के कारण 44000 लोग मारे गए हैं। कोर्ट ने पूछा कि, क्या आप स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं? तो अटॉर्नी जनरल ने जवाब में कहा कि, ‘हम रोज समीक्षा कर रहे हैं। सुधार आ रहा है। उम्मीद है कि कुछ दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे।’

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि याचिकाकर्ता ने बड़े ही गलत ढंग से याचिका दाखिल की है। अभी किसी को नहीं पता कि कश्मीर में क्या हो रहा है। इसलिए सरकार पर ही विश्वास करना होगा। यह मामला बेहद संवेदनशील है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि, हमारे पास इसकी वास्तविक तस्वीर होनी चाहिए। अब इस मामले की सुनवाई 2 सप्ताह बाद की जाएगी।

याचिकाकर्ता की वकील मेनका गुरुस्वामी का कहना है कि, ‘मूलभूत सुविधाओं को बहाल किया जाना चाहिए। कम से कम अस्पतालों में संचार सेवा को बहाल किया जाना चाहिए।’ इस बारे में अटॉर्नी जनरल ने कहा कि, फिलहाल स्थिति संवेदनशील है। हम मूलभूत सुविधाओं को बहाल करने पर भी काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में मोबाइल फोन, मोबाइल इंटरनेट और टीवी-केबल पर अभी भी रोक लगी हुई है। हालांकि, यहां धारा 144 को पूरी तरह से हटा दिया गया है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में फोन की सुविधा भी चालू कर दी गई है।

क्या है धारा 144

किसी भी राज्य में जब भी किसी घटना की वजह से हालात बिगड़ने लगते हैं तो वहां शांतिपूर्ण माहौल बनाने के लिए धारा 144 लागू कर दी जाती है। इससे हालात और नहीं बिगड़ते और तनाव की स्थिति भी नहीं बनती है। धारा 144 दंगा, लूटपाट, हिंसा, मारपीट को रोकने के लिए लागू की जाती है। इसे लागू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट यानी जिलाधिकारी एक नोटिफिकेशन जारी करता है। यह लागू होने के बाद स्थानीय लोगों को जरूरी नियमों का पालन करना पड़ता है। किसी भी जगह पर 4 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी जाती है। इसके अलावा हथियारों के लाने-ले जाने पर भी रोक लग जाती है। साथ ही बाहर घूमने पर भी प्रतिबंध लगाया जाता है।

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