चार साल की मासूम से दुष्कर्म के दोषी शिक्षक को सजा ए मौत, 2 मार्च को फांसी

चैतन्य भारत न्यूज।

जबलपुर। सतना के परसमनिया में चार साल की बच्ची से दुष्कर्म करने वाले शिक्षक महेंद्र सिंह गोड़ को दो मार्च को फांसी दी जाएगी। स्कूल टीचर ने मासूम बच्ची के साथ इस कदर दरिंदगी दिखाई थी कि बच्ची को कई महीने एम्स दिल्ली में भर्ती रखा और कई सर्जरी से गुजरना पड़ा।

दोषी के अपराध और सजा मिलने के बीच सिर्फ सात महीने का अंतर है।अधिकारियों ने बताया कि अगर सुप्रीम कोर्ट इस आदेश पर स्टे नहीं लगाता है तो उसे 2 मार्च को ही फांसी दे दी जाएगी। अगर उसे 2 मार्च को फांसी दे दी जाती है, तो नए रेप कानून के तहत मिलने वाली यह पहली सजा-ए-मौत होगी।

अपहरण कर किया दुष्कर्म, मरा समझकर छोड़कर भागा
दोषी स्कूल शिक्षक ने बच्ची का 30 जून 2018 की रात अपहरण किया था। उसे जंगलों में ले जाकर उसके साथ रेप किया और फिर उसे झाड़ियों में यह सोचकर फेंक दिया कि वह मर गई है। परिवार को अधमरी हालत में बच्ची मिली थी। राज्य सरकार ने उसे तुरंत एक चार्टर्ड विमान से इलाज के लिए दिल्ली एम्स भेज दिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया था।

दरिंदे स्कूल टीचर को सजा दिलाने के लिए पीड़ित बच्ची के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बयान लिए गए, और इस घटना को गंभीरतम अपराध बताया।

यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि दोषी एक शिक्षक है, जिसका काम बच्चों को नैतिकता का पाठ पढ़ाकर सही राह दिखाना होता है, वह खुद अपनी राह से भटका है। हाई कोर्ट के फैसले के बाद सतना की जिला अदालत ने दोषी के खिलाफ डेथ वॉरंट जारी कर दिया है।

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