हर सेक्टर के लिए अलग उद्योग नीति बनाई जाएगीः कमलनाथ

चैतन्य भारत न्यूज।

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उद्योगपतियों से वन टू वन चर्चा में कहा कि एक औद्योगिक नीति के तहत सभी उद्योगों को शामिल नहीं किया जाएगा। हर सेक्टर के उद्योग के लिए एक अलग नीति होगी। जो उद्योग जितना अधिक रोजगार देगा। उसे उतनी ही अधिक सुविधाएं दी जाएंगी।

सिंगल विंडो सिस्टम की आलोचना की

उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने बैठक में सिंगल विंडो सिस्टम की काफी आलोचना की। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि हर 10-12 उद्योग के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा और निवेश करने वाले उद्योगों की सुविधाओं का ध्यान यही नोडल अधिकारी रखेगा। यह नोडल अधिकारी सीधे मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करेगा।

बैठक में पहले से ही मध्यप्रदेश में काम कर रहे कंपनियों के प्रतिनिधि और डायरेक्टर भी शामिल रहे। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उद्योगपतियों से सीधे वन टू वन चर्चा की।

इससे पहले शिवराज सरकार इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन कर उद्योगपतियों से चर्चा करती थी, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री उद्योगपतियों से सीधे वन टू वन चर्चा की।

स्थापित उद्योगों की समस्या और जरूरत के लिए कांफ्रेंस

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की ये बैठक निवेश के लिए नहीं बल्कि हम इस बैठक के जरिए उन उद्योगों की समस्याओं और जरूरतों को जानना चाहते हैं जो पूर्व से ही हमारे प्रदेश में उद्योग चला रहे हैं। सबसे पहले हमारा लक्ष्य स्थापित उद्योगों के सामने उपस्थित समस्याओं और आवश्यकताओं को पूरा करना है ताकि उससे यह संदेश जाए कि मध्यप्रदेश में सरकार निवेशकों के सहयोग के लिए तत्पर है।

आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो

कमलनाथ ने कहा कि हमारी नीति होगी कि हम मध्यप्रदेश में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करें। इससे जहां एक ओर प्रदेश का विकास होगा, वहीं दूसरी ओर लोगों की क्रय शक्ति भी बढ़ेगी और युवाओं को रोजगार मिलेगा। प्रदेश में निवेश के लिए तंत्र की कार्य-शैली और सोच में परिवर्तन लाएंगे। एक नए दृष्टिकोण के साथ इस दिशा में राज्य शासन काम कर रहा है।

समग्र नीति के साथ सेक्टर वाइज नीति बनेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए समग्र नीति के साथ-साथ हर क्षेत्र के लिए अलग-अलग नीति बनाएंगे। इससे हम उनकी जो जरूरतें हैं, उसे पूरा कर पाएंगे। निवेशक ज्यादा आसानी से निवेश कर सकेंगे। किसी भी प्रकार का कोई भ्रम नहीं रहेगा।

रोजगार देने वाले उद्योगों को बढ़ावा

कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग, टूरिज्म, टेक्सटाईल और आई.टी. के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देंगे। इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक निवेश हो, इसका प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि ये वो क्षेत्र है, जिनसे हम प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार दे सकेंगे।

कौशल विकास की मांग-पूर्ति का अंतर समाप्त होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों को उनके उद्योग के हिसाब से कौशल मिल सके, इस दिशा में भी प्रयास कर रहे हैं। इस क्षेत्र में मांग और पूर्ति का जो अंतर है, उसे कम करना चाहते हैं। उन सारी दिक्कतों और अड़चनों को दूर करेंगे जिससे प्रदेश में निवेश करना आसान हो सके। निरंतर संवाद और सुझाव के लिए हमारी सरकार के दरवाजे सदैव खुले रहेंगे।

”हैण्ड होल्डर्स” नियुक्त होंगे

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि निवेशकों को तंत्र में कोई दिक्क्त न हो, इसके लिए हम उद्योग विभाग में ऐसे अनुभवी अधिकारियों को पदस्थ करेंगे, जो ”हैण्ड होल्डिंग” की नीति पर काम करेंगे। हैण्ड होल्डर्स दस-बारह यूनिट के बीच नियुक्त होंगे और उनकी समस्याओं और जरूरतों पर काम करेंगे। ये अधिकारी सीधे मुख्यमंत्री के सम्पर्क में रहेंगे और उन्हें रिपोर्ट करेंगे। इनके जरिए प्रदेश में निवेश का बेहतर वातावरण बनाएंगे।

नागरिकों की जीवन-यापन शैली को समृद्ध करेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश को बढ़ावा देकर हम प्रदेश के नागरिकों की जीवन-यापन की शैली को समृद्ध बनाएंगे। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के जो लोग एक बार खाना खाते है, उन्हें दो बार का भोजन मिले। जो दो बार भोजन कर रहें हैं, उन्हें और अच्छा भोजन मिले। वे एक सम्मानित जीवन, खुशहाली के साथ जी सकें।

निवेश बढ़ाएं सुविधा-संसाधन सरकार देगी

मुख्यमंत्री ने कांफ्रेंस में आए सभी उद्योगपतियों से आग्रह किया कि प्रदेश में बेहतर औद्योगिक वातावरण के लिए क्या हो सकता है, क्या करना चाहिए, क्या नहीं होना चाहिए। इस पर अपने सुझाव दें। निवेश बढ़ाएं। इसमें जो भी सुविधाएं और संसाधान चाहिए, वह सरकार उपलब्ध करवाएगी।

मुख्य सचिव एस.आर. मोहंती ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कार्यभार संभालने के बाद उद्योगों से संवाद कायम कर एक नया वातावरण बनाया है। प्रदेश की निवेश नीति सुदृढ़ हो और जीवंत संवाद हो, इसके लिए राज्य शासन इस दिशा में निरंतर काम कर रहा है।

ये उद्योग समूह शामिल

अडानी, बिड़ला, क्रॉम्पटन, एचईजी, कोकाकोला, जमना ऑटो इंडस्ट्री, ल्यूपिन, फोर्स, शक्ति पंप, सन फार्मा, सूर्या रोशनी, सुजलॉन, सिंबायोसिस, ट्राइडेंट, वर्धमान, वॉल्वो आयशर सहित 50 उद्योग समूह बैठक में शामिल हुए।

 

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