जन्म के बाद बच्चा नहीं रोया तो कंडे की आग से सेंका, झुलसा शरीर

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चैतन्य भारत न्यूज

शहडोल. अंधविश्वास से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है जो आपको चौंका सकता है। शहडोल के सरकारी अस्पताल एक नवजात के शरीर को कंडे की आग से सेंक दिया गया, जिससे उसके दोनों गाल, माथा, हाथ की अंगुली और पीठ झुलस गई और फफोले निकल आए। एक नर्स ने ये बताया कि उसने सिर्फ सेकने की सलाह दी थी।



जानकारी के मुताबिक, 16 जनवरी को खन्नौधी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पार्वती बैगा ने नवजात बच्चे को जन्म दिया। जन्म लेते ही नवजात बच्चा रो नहीं रहा था। पति ने बताया कि नर्स ममता गोस्वामी ने बच्चे को सेंकने की सलाह दी। स्वास्थ्य केंद्र में उस समय बिजली नहीं थी। इस कारण कंडे की आग जलाकर नवजात को सेंकने का इंतजाम किया गया।

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लगभग 3 मिनट की सिंकाई के बाद नवजात रोने लगा। इसके 3 घंटे बाद नवजात की हालत बिगड़ने लगी और शरीर पर फफोले आने लगे। जिसके बाद बाजार से कुछ दवाएं लाने के लिए बोला गया। जब हालत नहीं सुधरी तो 17 जनवरी की रात 11 बजे उसे जिला अस्पताल शहडोल रेफर किया गया। बच्चे अभी आईसीयू में भर्ती है, वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) ने मामले की जांच के निर्देश दे दिए हैं।

हालांकि ये कोई पहला मामला नही है इससे पहले भी अंधविश्वास से जुड़े ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। बता दें बीते दिनों मध्यप्रदेश के इंदौर के चित्तौड़ा गांव में तालाब में डूबने से दो भाइयों की मौत के बाद ग्रामीणों ने पूरी रात उनके शव खड़े नमक में दबाकर रखे थे। परिजनों का मानना था कि डूबने से मौत के मामले में यदि शव को चार घंटे के लिए ही खड़े नमक में दबाकर रख दिया जाए तो नमक बदन का सारा पानी सोख लेगा और व्यक्ति फिर से जीवित हो जाएगा।

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