चौथी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने शिवराजसिंह चौहान, राजभवन में सादे समारोह में ली शपथ

shivraj singh chauhan

चैतन्य भारत न्यूज

भोपाल. तेरह साल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे शिवराजसिंह चौहान ने सोमवार देर शाम चौथी बार मुख्यमंत्री पद के रूप में शपथ ली। राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में राज्यपाल लालजी टंडन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके पहले शाम को हुई भाजपा विधायक दल की बैठक में उन्हें दल का नेता चुना गया था।



गौरतलब है कि कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका के चलते शपथ ग्रहण आनन-फानन में और सादे समारोह में आयोजित किया गया।

यह शिवराजसिंह चौहान का सौभाग्य ही कहा जाएगा कि 15 महीने पहले राज्य में भाजपा की सत्ता जाने के बाद उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला। बदली हुई परिस्थितियों के बाद भी पार्टी ने भी उन पर भरोसा जताया।

इससे पहले मार्च महीने की शुरुआत से ही मप्र में सियासी संग्राम मचा हुआ था। छह मंत्रियों सहित 22 कांग्रेस विधायकों ने पार्टी से बगावत कर दी थी। सभी ने बेंगलुरु में डेरा डाल दिया और विधानसभा अध्यक्ष को अपने इस्तीफे भेज दिए। ये सभी विधायक पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं। सिंधिया ने भी कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली थी। कमलनाथ सरकार पर अल्पमत होने के आरोप लगे। राज्यपाल ने भी उन्हें विधानसभा में बहुमत साबित करने को कहा लेकिन 16 मार्च को विधानसभा की कार्यवाही बिना फ्लोर टेस्ट (शक्ति परीक्षण) के स्थगित कर दी गई।

इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली और सुप्रीम कोर्ट ने कमलनाथ को 20 मार्च को विधानसभा में बहुमत साबित करने के निर्देश दिए। हालांकि फ्लोर टेस्ट के पहले ही कमलनाथ ने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष ने भी बागी विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था।

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