जनता से सीधे और जीवंत संपर्क के लिए जाने जाते हैं शिवराज

चैतन्य भारत न्यूज

भोपाल. देश के इतिहास में लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी शुमार किया जाता है। लोगों में पैठ बनाने, उनसे तत्काल संवाद स्थापित करने में उनका कोई सानी नहीं है। प्रदेशभर में भ्रमण करने, एक-एक कार्यकर्ता को जानने की क्षमता और किसी समकालीन नेता में दिखाई नहीं देती। मप्र के झाबुआ जिले के पेटलावद में विस्फोट में 87 लोगों की मौत के बाद जब वे पेटलावद पहुंचे तो गुस्साए लोगों को शांत करने के लिए उनके साथ सड़क पर ही बैठ गए। उन्होंने कहा कि मैं आपकी बराबरी में बैठकर बात करूंगा। उन्होंने अपने 13 साल के कार्यकाल में बच्चों और महिलाओं के लिए इतनी योजनाएं शुरू कीं कि उन्हें “मामा” के नाम से पहचाना जाने लगा। वे चुनावी भाषणों में मामा के होने का भरोसा भी दिलाते रहे हैं। हर भारतीय त्योहार में संस्कृति के पुरोधा भी वे नजर आते हैं। हरदिल अजीज शिवराजसिंह चौहान ने सोमवार को चौथी बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाला। इसी के साथ शिवराज मध्यप्रदेश इतिहास में चार बार मुख्यमंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति हो हैं। 


शिवराज सिंह चौहान का जन्म 5 मार्च 1959 को मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के जैत गांव में रहने वाले किराड़ राजपूत परिवार के दंपत्ति प्रेम सिंह चौहान और सुंदर बाई चौहान के घर हुआ था। वे गरीब परिवार से थे इसलिए उन्हें बचपन से ही काफी संघर्ष करना पड़ा था। शिवराज को बचपन से ही राजनीति में आने की दिलचस्पी थी। वे छात्र जीवन से ही राजनीति से जुड़े रहे हैं। साल 1975 में वे मॉडल हायर सेकंडरी स्कूल के छात्र संघ के अध्यक्ष थे।

इंदिरा गांधी सरकार के आपातकाल का विरोध करने पर 1976-77 में शिवराज जेल भी गए। जेल में ही कई नेताओं से संपर्क होने पर नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ। वर्ष 1977 से वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं। चौहान एक लंबे समय तक पार्टी की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से भी जुड़े रहे हैं। शिवराज पहली बार राज्य विधानसभा के लिए साल 1990 में सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा सीट से चुने गए थे।

जब 1991 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने विदिशा लोकसभा सीट से इस्तीफा दिया तो पार्टी ने शिवराज सिंह चौहान को चुनाव मैदान में उतार दिया। विदिशा संसदीय चुनाव क्षेत्र से शिवराज लोकसभा के लिए पहली बार चुने गए और सबसे कम उम्र के सांसद बने। इसके बाद 5 बार विदिशा संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने गए। वे चार बार लोकसभा के लिए चुने गए और वे लोकसभा तथा संसद की कई समितियों में भी रहे। चौहान 2000 से 2003 तक भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भाजपा के राष्ट्रीय सचिव भी रहे।

साल 2003 दिसंबर में भाजपा ने विधानसभा चुनावों में अपूर्व सफलता पाई थी। उस दौरान शिवराज ने तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन वे राघौगढ़ विधानसभा चुनाव क्षेत्र से चुनाव हार गए थे। 2004 में लगातार पांचवी बार लोकसभा चुनाव जीते। 2005 में बीजेपी के मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष बने। 29 नवंबर 2005 को वह मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।

shivraj singh chauhan

बता दें शिवराज के नाम राज्य में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड है। साल 2008 में शिवराज ने बुधनी सीट को 41 हजार से अधिक मतों से जीता और 12 दिसंबर, 2008 को उन्हें दूसरे कार्यकाल की शपथ दिलाई गई थी। 14 दिसंबर 2013 में शिवराज तीसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। उनका कार्यकाल 16 दिसंबर 2018 तक चला। साल 2018 में हुए विधानसभा में चुनाव में शिवराज को कांग्रेस नेता कमलनाथ से हार का सामना करना पड़ा था। अब मार्च, 2020 में शिवराज एक बार राज्य के मुख्यमंत्री बन गए हैं।

शिवराज ने साल 1992 में साधना सिंह से शादी की थी। उनके दो बेटे, कार्तिकेय सिंह चौहान और कुणाल सिंह चौहान हैं। शिवराज ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में कई लोकहित कारी कार्यक्रमों की शुरुआत की है जिन्हें राज्य में चलाया जा रहा है। पेशे से एक किसान चौहान की संगीत में ‍गहरी रुचि है और वे धार्मिक साहित्य पढ़ते हैं। साथ ही वे मित्रों के साथ वाद-विवाद में भी भाग लेते रहते हैं। मनोरम स्थलों की सैर करना, गाने सुनना और फिल्में देखना उनके मनोरंजन के शिवराज के पसंदीदा साधन हैं। उनकी खेलों में भी रुचि है। शिवराज कबड्डीस, वॉलीबाल और क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। वे ग्रामीण क्षेत्रों की ‍बहुत सी खेल संस्थाओं से भी जुड़े हैं। शिवराज पहले ऐसे नेता हैं जो राज्य के चार बार मुख्यमंत्री बने। शिवराज के अलावा अर्जुन सिंह और श्यामा चरण शुक्ल 3-3 बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

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