शिवसेना-NCP की प्रेस कॉन्फ्रेंस, शरद पवार का दावा- हमारे पास पर्याप्त संख्या है, सरकार तो हम ही बनाएंगे

shivsena ncp press conference

चैतन्य भारत न्यूज

मुंबई. महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व में एनसीपी और कांग्रेस के बीच सरकार गठन के लिए बातचीत अंतिम दौर में पहुंच चुकी थी कि इसी बीच शनिवार सुबह बड़ा उलटफेर देखने को मिला। बीजेपी और एनसीपी के नेता अजित पवार ने मिलकर राज्य में सरकार बना ली है। देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि अजित पवार ने उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्य में मचे सियासी घमासान के बीच शिवसेना और एनसीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करवाई।


सरकार तो हम ही बनाएंगे : शरद पवार

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शरद पवार ने कहा कि, ‘अजित पवार के साथ 11 विधायक गए थे। इसमें दो विधायक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आए हैं। खैर हमारे पास पर्याप्त संख्या है और सरकार तो हम ही बनाएंगे। रहा सवाल अजित पवार पर एक्शन का तो वो पार्टी की अनुशासनात्मक कमेटी लेगी।’ उन्होंने दावा किया कि, ‘देवेंद्र फडणवीस बहुमत साबित नहीं कर पाएंगे। हम सब एकजुट हैं। अजित पवार के पास जो चिट्ठी थी उसमें सभी 54 विधायक के हस्ताक्षर थे।’ उन्होंने बताया कि, आज शाम की बैठक में आगे का फैसला तय होगा। वह जो भी निर्णय लेंगे, वो शिवसेना की सहमति के बिना नहीं लेंगे। उन्होंने कहा कि, ‘हमें राज्यपाल ने 30 नवंबर तक का वक्त दिया है।’

हम लोगों को जोड़ने हैं और वो तोड़ते हैं

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि, ‘शिवसेना जो करती है, वो दिन के उजाले में करती है। हम लोगों को जोड़ने की कोशिश करते हैं और वे लोग तोड़ने की कोशिश करते हैं। ये जो खेल चल रहा है, वो पूरे देश देख रहा है।’ उद्धव ठाकरे ने कहा कि, ‘बीजेपी को ना तो मित्र चाहिए और ना ही विपक्ष। इन लोगों ने हरियाणा और बिहार में भी यही किया था। आज जो हुआ है वो छत्रपति शिवाजी महाराज पर सर्जिकल स्ट्राइक है।’


बता दें महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की बैठक के बावजूद मुख्यमंत्री के नाम पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो पा रहा था। हालांकि, यह कहा जा रहा था कि राज्य में पांच साल के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को बनाया जाएगा। लेकिन शनिवार सुबह अचानक से बदली महाराष्ट्र राजनीति की तस्वीर ने सभी को हैरान कर दिया।

महाराष्ट्र के चुनावी नतीजे 

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में 21 अक्टूबर को 288 सीटों पर चुनाव हुए थे। इसके नतीजे 24 अक्टूबर को आए थे। राज्य में किसी भी एक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। नतीजों के मुताबिक, महाराष्ट्र में बीजेपी के पास 105 सीटें, शिवसेना की 56, एनसीपी की 54 और कांग्रेस के विधायकों की संख्या 44 थी। इसके अलावा समाजवादी पार्टी को 2, एमआईएम को 2, एमएनएस व सीपीआई को एक-एक और अन्य को 23 सीटें मिली थी। ऐसे में बहुमत के लिए 145 सदस्यों का समर्थन चाहिए था। किसी पार्टी या गठबंधन के सरकार बनाने का दावा पेश नहीं करने की वजह से 12 नवंबर को महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था।

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