शिवसेना का बीजेपी पर कटाक्ष- 105 वालों की मानसिकता ठीक नहीं, हम महाराष्ट्र के मालिक हैं और देश के बाप हैं…

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चैतन्य भारत न्यूज

मुंबई. महाराष्ट्र में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की सरकार बनने का रास्ता तकरीबन साफ हो गया है। एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस तीनों पार्टियों के मंत्रियों को लेकर 14-14-12 का फॉर्मूला भी तय हो गया है। बताया जा रहा है कि पूरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री शिवसेना का ही होगा। इसी बीच बीजेपी ने भी महाराष्ट्र में अपनी सरकार बनाने का दावा पेश किया है। इसे लेकर शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना (Saamana) में एक बार फिर बीजेपी पर कटाक्ष किया है।



इस लेख में शिवसेना ने बीजेपी को 105 की पार्टी और पागल करार कर दिया। साथ ही यह भी लिखा है कि, महाराष्ट्र में नए समीकरण से कुछ लोगों के पेट में दर्द शुरू हो गया है। सामना के संपादकीय में लिखा, ‘भाजपा अपनी कमजोरी को छुपाने के लिए दूसरों पर आरोप लगा रही है, और यह हरकत स्वयं उनकी मानसिक स्थिति के लिए खतरनाक है। कौन वैसे सरकार बनाता है देखता हूं, इस प्रकार की भाषा बोले जा रहे हैं, श्राप भी दिए जा रहे हैं कि अगर सरकार बन भी गई तो वैसे और कितने दिन टिकेगी, देखते हैं। ऐसा ‘भविष्य’ भी बताया जा रहा है कि 6 महीने से ज्यादा सरकार नहीं टिकेगी। ये नया धंधा लाभदायक भले हो, लेकिन ये अंधश्रद्धा कानून का उल्लंघन है।’

‘105 वालों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक’

बीजेपी पर निशाना साधते हुए लिखा गया कि, ‘अपनी कमजोरी को छुपाने के लिए ये हरकत महाराष्ट्र के सामने आ रही है। हम महाराष्ट्र के मालिक हैं और देश के बाप हैं, ऐसा किसी को लगता होगा तो वे इस मानसिकता से बाहर आएं। ये मानसिक अवस्था 105 वालों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। ऐसी स्थिति ज्यादा समय रही तो मानसिक संतुलन बिगड़ जाएगा और पागलपन की ओर यात्रा शुरू हो जाएगी। कल आए नेता को जनता पागल या मूर्ख साबित करे ये हमें ठीक नहीं लगता। एक तो नरेंद्र मोदी जैसे नेता के नाम पर उनका खेल शुरू है और इसमें मोदी का ही नाम खराब हो रहा है।’

‘105 वालों का आत्मविश्वास झाग बनकर निकल रहा’

आगे लिखा, ‘महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लग गया है और राष्ट्रपति शासन लगने के बाद 105 वालों का आत्मविश्वास इस प्रकार झाग बनकर निकल रहा है मानो मुंबई किनारे के अरब सागर की लहरें उछाल मार रही हों। पूर्व मुख्यमंत्री फडणवीस ने अपने विधायकों को बड़ी विनम्रता से कहा कि बिंदास रहो, राज्य में फिर से भाजपा की ही सरकार आ रही है। कल ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि राज्य में जिसके पास 145 का आंकड़ा है उसकी सरकार आएगी और ये संवैधानिक रूप से सही है।’

‘मोदी जी का नाम खराब हो रहा है’

सामना का कहना है कि, ‘भाजपा को मोदी के नाम पर वोट मिलते रहे हैं ऐसे में इस तरह की हरकतों से मोदी जी का नाम खराब हो रहा है।’ सामना ने सवाल उठाया कि, राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने में असमर्थ रही बीजेपी अचानक राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद सरकार बनाने का दावा कैसे कर रही है? बीजेपी के सत्ता मोह को सेना ने पागलपन करार दिया है, और कहा कि पागलों की संख्या बढ़ने राज्य की प्रतिष्ठा में बाधक है।’

ये हैं महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के नतीजे 24 अक्टूबर को ही आ गए थे लेकिन मुख्यमंत्री पद का दावेदार अब तक तय नहीं हुआ है। दरअसल महाराष्ट्र में किसी एक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। नतीजों के मुताबिक, महाराष्ट्र में बीजेपी के पास 105 सीटें, शिवसेना की 56, एनसीपी की 54 और कांग्रेस के विधायकों की संख्या 44 है। इसके अलावा समाजवादी पार्टी को 2, एमआईएम को 2, एमएनएस व सीपीआई को एक-एक और अन्य को 23 सीटें मिली हैं। महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सीटें हैं और बहुमत के लिए 145 सदस्यों का समर्थन चाहिए।

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