पाना चाहते हैं माता लक्ष्मी की कृपा, तो शुक्रवार को इस विधि से करें पूजा-अर्चना

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चैतन्य भारत न्यूज

हिंदू धर्म में शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी का दिन होता है। मान्यता है कि इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने से व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है। आइए जानते हैं इस व्रत का महत्व और पूजन-विधि।



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शुक्रवार व्रत का महत्व

शुक्रवार का दिन मां लक्ष्‍मी की उपासना के लिए सबसे उपयुक्‍त माना जाता है। मान्यता है कि लक्ष्मी जी की पूजा करने से व्यक्ति के घर में कभी धन का अभाव नहीं रहता है। लक्ष्मी जी को हिंदू धर्म में सुख-समृद्धि, धन, वैभव तथा ऐश्वर्य की देवी माना जाता है। इसके अलावा यह व्रत धन, विवाह, बच्चे और भौतिकवादी सुख प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

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शुक्रवार व्रत पूजन-विधि

  • शुक्रवार को पूरे दिन व्रत रख शाम को स्नान के बाद माता लक्ष्मी की पूजा करें।
  • वैभव लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र की पूजा में खासतौर पर लाल चंदन, गंध, लाल वस्त्र, लाल फूल अर्पित करें।
  • पूजा के बाद दान का अधिक महत्व है।
  • पूजा के बाद समृद्धि व शांति की इच्छा से इस वैभव लक्ष्मी मंत्र का यथाशक्ति जप करें।

लक्ष्मी मंत्र

या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशु तेजस्विनी।

या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी॥

या रत्नाकरमन्थनात्प्रगटिता विष्णोस्वया गेहिनी।

सा मां पातु मनोरमा भगवती लक्ष्मीश्च पद्मावती ॥

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