30 की उम्र में बिलकुल न करें पैसों से संबंधित यह 7 गलतियां, भविष्य में पड़ सकती हैं भारी

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चैतन्य भारत न्यूज

डिजिटल युग के इस दौर में निवेशकों ने भविष्य के बारे में सोचना कम कर दिया है। ज्यादातर लोगों को तत्काल परिणाम चाहिए होते हैं। वैसे कुछ हद तक यह सही भी है क्योंकि  जीवन का कोई भरोसा नहीं होता है और इसलिए हमें हर दिन आनंद के साथ जीना चाहिए। लेकिन यदि हम भविष्य के बारे में सोचना बंद कर देंगे तो आगे चलकर हमारे सामने कई मुश्किलें भी आ सकती हैं। जो गलतियां आप 30 की उम्र में करते हैं उनका परिणाम आपको 50 की उम्र में भुगतना पड़ता है। आज हम आपको बताएंगे कि खर्च और निवेश में कैसे संतुलन बनाए रखे।

कम उम्र में बीमा कराना

किसी को नहीं पता होता है कि भविष्य में क्या होने वाला है? इसलिए कम उम्र में ही बीमा कराना बहुत जरुरी है। बड़ी उम्र में यह महंगा तो पड़ता ही है और साथ ही इससे खतरा भी बढ़ जाता है।

महंगाई के अनुसार सेविंग करें

अगर आपने निवेश को बढ़ने के लिए पर्याप्त समय नही दिया तो आने वाले दिनों में आप महंगाई से घिर सकते हैं। इसके लिए यह जानना सबसे ज्यादा जरुरी है कि हमें भविष्य में महंगाई के असर को देखते हुए अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए कितने धन की आवश्यकता हो सकती है।

वृद्धि की बजाय सेविंग्स पर ध्यान दें

सेविंग्स से हमें अपने बच्चों की शिक्षा, घर आदि बनाने में मदद मिल सकती है। लेकिन महंगाई अधिक होने के कारण हम अपने कई सपनों को पूरा नहीं कर पाते हैं। इसलिए हमें सेविंग्स के साथ-साथ ऐसी संपत्तियों में भी निवेश करना चाहिए जिससे आगे चलकर हमें अच्छा रिटर्न मिल सके।

हैसियत से अधिक लोन लेना

किसी भी प्रकार का लोन लेने से पहले आपको पता होना चाहिए कि आप उसे चुका पाएंगे या नहीं। यदि आपने पहले से ही कोई लोन ले रखा है तो पहले आप उसे चुकता कीजिए और फिर अन्य लोन लीजिए। क्योंकि यदि आपकी 70 से 80 फीसदी आय लोन चुकाने में ही जा रही है तो फिर आप सेविंग्स नहीं कर पाएंगे।

सेविंग्स व निवेश में अंतर न समझना

ज्यादातर लोग सेविंग्स और निवेश को एक जैसा समझ लेते हैं। सेविंग्स आमतौर पर धन को अलग जगह रखना होता है। सेविंग्स से मिलने वाले ब्याज से हम महंगाई को नहीं हरा सकते। लेकिन निवेश इसमें मदद कर सकता है। क्योंकि लंबी अवधि के निवेश में कई बार रिटर्न ज्यादा भी हो सकता है।

निवेश की नियमित समीक्षा न करना

समय के साथ बदलती हुई प्राथमिकता के अनुसार हमें निवेश की समीक्षा करते रहना चाहिए। कई बार ऐसा भी हो सकता है कि हमें नई प्राथमिकताओं के हिसाब से निवेश करने की जरुरत हो।

विशेषज्ञ की सलाह न लेना

कभी भी ऐसा न सोचे कि आपको सब कुछ आता है। क्योंकि फाइनेंशियल प्लानिंग की प्रक्रिया बहुत जटिल होती है। इस प्रक्रिया में आपकी पूंजी की जरुरत  की गणना करके उसे पूरा किया जाता है। इसलिए आय को लक्ष्य तक पहुंचाने में कोई विशेषज्ञ ही आपकी मदद कर सकता है।

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