अंतरिक्ष यात्रा पर जाने वालीं हैं देश की बेटी सिरिशा, बचपन का सपना करेंगी पूरा

चैतन्य भारत न्यूज

कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स के बाद अब एक और भारतवंशी बेटी अंतरिक्ष की सैर करने वाली है। भारतीय मूल की अमेरिकी सिरिशा बांदला जल्द ही अंतरिक्ष की यात्रा के लिए जाने वाली हैं। इसी के साथ वह अंतरिक्ष में जाने वाली देश में जन्मीं दूसरी और तेलुगु-भाषी पहली महिला बन जाएंगी।

शिरीषा बंडला का जन्म आंध्र प्रदेश के गुंटूर में हुआ था। वे वर्तमान में एक प्रमुख अमेरिकी निजी अंतरिक्ष एजेंसी ’वर्जिन गेलेक्टिक’ के लिए काम करती हैं। कंपनी की योजना अगले सप्ताह के अंत में अपना अंतरिक्ष यान लॉन्च करने की है। वह वर्जिन गेलेक्टिक के ‘VSS यूनिटी’ से पांच अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ रवाना होंगी।

कम वक्त में बड़ी उपलब्धि

सिरीशा उन छह वैज्ञानिकों में से एक होंगी, जो इस अंतरिक्ष यान से उड़ान भरने वाले हैं। स‍िरीशा अंतरिक्षयात्रियों के इस समूह में चौथे नंबर की वैज्ञानिक हैं। वह वर्जिन गैलेक्टिक कंपनी के गवर्नमेंट अफेयर्स एंड रिसर्च ऑपरेशंस में वाइस प्रेसीडेंट भी हैं और उन्होंने महज छह वर्षों में यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अमेरिका के पर्ड्यू यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिकल/एस्ट्रोनॉटिकल इंजीनियरिंग से ग्रैजुएशन किया और फिर जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी से MBA की डिग्री ली।

बचपन से अंतरिक्ष में जाने का सपना

अपने अंतरिक्ष उड़ान के समय सिरिशा ह्यूमन टेंडेड रिसर्च एक्सपीरिएंस की इंचार्ज भी रहेंगी, जिससे उन्हें अंतरिक्ष यात्रा के दौरान एस्ट्रोनॉट्स पर होने वाले असर के बारे में जानने का मौका मिलेगा। बचपन से ही अंतरिक्ष की दुनिया ने उन्हें आकर्षित किया और रॉकेट्स तथा स्पेसक्राफ्ट्स को देखकर होने वाले रोमांच ने उन्हें एस्ट्रोनॉट बनने के लिए प्रेरित किया।

अंतरिक्ष तक सभी की पहुंच करवाना है मिशन

सिरिशा ने ट्वीट किया, “मैं यूनिटी 22 के अद्भुत दल और एक ऐसी कंपनी का हिस्सा बनकर अतुलनीय रूप से सम्मानित महसूस कर रही हूँ, जिसका मिशन अंतरिक्ष तक सभी की पहुंच करवाना है।”

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