जानिए भगवान शिव के प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ का इतिहास और इसका महत्व

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चैतन्य भारत न्यूज

सावन के पावन महीने में भगवान शिव की आराधना की जाती है। इस महीने में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग का पूजन करना बेहद शुभ माना जाता है। आज हम आपको सबसे पहले ज्योतिर्लिंग यानी सोमनाथ की विशेषता के बारे में बताएंगे।

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का महत्व

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भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में सोमनाथ को सबसे पहला ज्योतिलिंग माना जाता है। सोमनाथ मंदिर विश्व प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल है। मान्यता है कि इनके दर्शन, पूजन, आराधना से भक्तों के जन्म-जन्मांतर के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार ‘सोम’ अर्थात चंद्र इसलिए भगवान शिव को सोमेश्वर भी कहा जाता है अर्थात् ‘चंद्रमा का स्वामी’।

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का इतिहास

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सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के बारे में कहा जाता है कि, इसका निर्माण स्वयं चंद्रदेव ने करवाया था। चंद्रमा यानी सोम को प्रजापति दक्ष ने क्षय रोग होने का शाप दे दिया। इस शाप से मुक्ति के लिए शिव भक्त चंद्रमा ने अरब सागर के तट पर शिव जी की घोर तपस्या की। जिससे प्रसन्न होकर शिव प्रकट हुए और चंद्रमा को वरदान दिया। चंद्रमा ने जिस शिवलिंग की स्थापना और पूजा की वह शिव जी के आशीर्वाद से सोमेश्वर यानी सोमनाथ कहलाया। इसे भगवान शिव के सारे ज्योतिर्लिंगों में सबसे प्रमुख माना जाता है।

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर हमला

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कहा जाता है कि, महमूद गजनवी ने सन 1024 में कुल 5000 साथियों के साथ सोमनाथ मंदिर पर हमला किया, उसकी संपत्ति लूटी और उसे नष्ट कर दिया। महमूद गजनवी अफगानिस्तान के गजनी राज्य का राजा था जिसने दौलत की चाह में भारत पर 17 बार आक्रमण किए। आक्रमण के समय मंदिर में करीब 25 हजार से ज्यादा लोग पूजा करने आए थे जिनका गजनवी ने कत्ल कर दिया। इसके अलावा भी सोमनाथ मंदिर पर कई हमले हुए जिसके बाद भी वह बिगड़ता और बनता रहा है।

कहां है और कैसे पहुंचे सोमनाथ ज्योतिर्लिंग

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यह ज्योतिर्लिंग गुजरात प्रांत के काठियावाड़ क्षेत्र में समुद्र के किनारे सोमनाथ नामक विश्वप्रसिद्ध मंदिर में स्थापित है। पहले इस क्षेत्र को प्रभासक्षेत्र के नाम से भी जाना जाता था।

सड़क परिवहन- सोमनाथ वेरावल से 7 किलोमीटर, मुंबई 889 किलोमीटर, अहमदाबाद 400 किलोमीटर, भावनगर 266 किलोमीटर, जूनागढ़ 85 और पोरबंदर से 122 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। पूरे राज्य में इस स्थान के लिए बस सेवा उपलब्ध है।

रेल मार्ग- सोमनाथ के सबसे निकट वेरावल रेलवे स्टेशन है, जो वहां से मात्र सात किलोमीटर दूरी पर स्थित है। यहां से अहमदाबाद व गुजरात के अन्य स्थानों पर जा सकते हैं।

वायु मार्ग- सोमनाथ से 55 किलोमीटर स्थित केशोड नामक स्थान से सीधे मुंबई के लिए वायुसेवा है। इसके अलावा केशोड और सोमनाथ के बीच बस व टैक्सी सेवा भी उपलब्ध है।

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