स्वर्ण की तरह चमकने लगेगा सोमनाथ मंदिर, सोने से मढ़े जा रहे हैं 1400 कलश

चैतन्य भारत न्यूज

देशभर में भगवान शिव के कुल 12 ज्योतिर्लिंग हैं, जिनमें से एक गुजरात के सौराष्ट्र में समुद्र किनारे बसा सोमनाथ मंदिर है। ऋग्वेद के मुताबिक, सोमनाथ मंदिर का निर्माण चंद्रदेव ने किया था। इन दिनों सोमनाथ मंदिर को 1400 कलशों को सोने से मढ़ने का काम किया जा रहा है। इस कार्य को 2021 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।

इस कार्य को सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। ट्रस्ट के सदस्य पीके लहरी ने कहा कि, इस कार्य में करीब पांच सौ लोगों ने अपना सहयोग दिया है। उन्होंने बताया कि, कलशों में लगे सोने की चमक रात में दिखे, इसके लिए रोशनी की भी अच्छी व्यवस्था की जा रही है। कलशों को सोने से मढ़ने और रोशनी की व्यवस्था के बाद यह मंदिर और भी सुंदर लगेगा।

17 बार नष्ट किया गया मंदिर

इतिहासकारों के मुताबिक, सोमनाथ मंदिर को वर्ष 1024 ई. में महमूद गजनवी ने तहस-नहस कर दिया था। इस मंदिर की मूर्ति को तोड़ने से लेकर यहां पर चढ़े सोने और चांदी तक के सभी आभूषणों को लूट लिया था। महमूद गजनवी के बाद कई मुगल शासकों ने सोमनाथ को खंडित कर लूटपाट की। इसे 17 बार नष्ट किया गया और हर बार इसका पुनर्निर्माण किया गया था। कई लोगों ने इस मंदिर में शिवलिंग को भी तोड़ने का प्रयास किया था, लेकिन हर कोई नाकाम रहा। इसके बाद साल 1300 में अलाउद्दीन की सेना ने भी शिवलिंग को खंडित किया। मंदिर के वर्तमान भवन के पुनर्निमाण की शुरुआत आजादी के बाद सरदार वल्लभ भाई पटेल ने करवाया और फिर इसे 1995 में भारत के राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने राष्ट्र को समर्पित किया था।

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