फिर सस्ता सोना बेच रही मोदी सरकार, 11 अक्टूबर से पहले उठाएं लाभ

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. त्योहारों के मौके पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। ऐसे में दुर्गा पूजा से लेकर दिवाली तक लोग बड़े पैमाने पर सोना खरीदते हैं। यदि आप भी इस बार सोना खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो मोदी सरकार आपके लिए एक शानदार स्कीम लेकर आई है। यह स्कीम है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2019-20 जिसके तरह मोदी सरकार आपको एक बार फिर निवेश का मौका दे रही है। इस स्कीम के तहत आप 7 अक्टूबर से 11 अक्टूबर के बीच सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं।


गोल्ड बॉन्ड में निवेश का मौका

जानकारी के मुताबिक, सरकार ने इस बार गोल्ड बॉन्ड की कीमत 3,788 रुपए प्रति ग्राम तय की है। यदि आप इसमें ऑनलाइन माध्यम से निवेश करते हैं तो इसपर आपको 50 रुपए प्रति ग्राम की छूट भी मिलेगी। ऐसे में ऑनलाइन माध्यम से इसमें निवेश करने पर निवेशकों के लिए यह दर 3,738 रुपए प्रति ग्राम हो जाएगी। वित्त मंत्रालय द्वारा दिए गए बयान के मुताबिक, ‘इस अवधि के दौरान निर्गम मूल्य यानी इशू प्राइस 3,738 रुपए प्रति ग्राम होगी। इसकी समापन की तारीख 11 अक्टूबर 2019 रखी गई है।’

कहां करें निवेश

इस सोने की बिक्री बैंकों, डाकघरों, एनएसई (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) और बीएसई (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) के अलावा स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के जरिए होती है। निवेशक बॉन्ड खरीदने के लिए डिमांड ड्रॉफ्ट, चेक या फिर ऑनलाइन माध्यम से पेमेंट कर सकते हैं।

कितना खरीद सकते हैं सोना

भारत सरकार की ओर से आरबीआई सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जारी करता है। इस बॉन्ड के तहत निवेश एक ग्राम के गुणकों में किया जाता है, इसकी एक व्यक्ति के लिए अधिकतम सीमा 1 साल में 500 ग्राम है। जानकारी के मुताबिक, संयुक्त हिन्दू परिवार सालभर में अधिकतम 4 किलो सोने की कीमत के बराबर तक का बॉन्ड खरीद सकते हैं। ट्रस्ट और वित्तीय वर्ष के समान इकाइयों के मामले में निवेश की ऊपरी सीमा 20 किलोग्राम है।

क्या है इस बॉन्ड को खरीदने के फायदे

सोने की कीमत में इजाफा होते ही गोल्ड बॉन्ड निवेशकों को भी इसका फायदा मिलता है। यह गोल्ड बॉन्ड पेपर और इलेक्ट्रॉेनिक फॉर्मेट में होते हैं, ताकि आपको फिजिकल गोल्ड की तरह इसे किसी लॉकर में रखने का खर्च नहीं उठाना पड़े। इस गोल्ड बॉन्ड पर सालभर में कम से कम ढाई फीसदी का रिटर्न मिलेगा। इसमें किसी प्रकार की धोखाधड़ी और अशुद्धता की संभावना नहीं होती है। ये गोल्ड बॉन्ड्स 8 साल के बाद मैच्योर होंगे।

बता दें मोदी सरकार द्वारा साल 2015, नवंबर में इस योजना की शुरुआत हुई थी। इस योजना का मकसद भौतिक रूप से सोने की मांग में कमी लाना और सोने की खरीद में उपयोग होने घरेलू बचत का इस्तेमाल वित्तीय बचत में करना है। इससे पहले सितंबर में जारी हुए गोल्ड बॉन्ड में निवेश के लिए मोदी सरकार ने 3,890 रुपए प्रति ग्राम रेट तय किया था। इस बार सोने के भाव में गिरावट के कारण इसके मूल्य में कमी आई है।

क्या है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में लोगों को सोने में पैसा निवेश करने का मौका मिलता है, इसके लिए उन्हें फिजिकल फॉर्म में सोना रखने की जरूरत नहीं होती। इस स्कीम में निवेशकों को प्रति यूनिट गोल्ड में निवेश का मौका मिलता है। सरकारी गोल्ड बॉन्ड की यह खासियत है कि, इसकी कीमत बाजार में चल रहे रेट से कम होती है। साथ ही इसपर टैक्स की भी छूट मिलती है। इसके अलावा सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम के जरिए बैंक से लोन भी लिया जा सकता है।

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