पुणे: महिला डॉक्टर के शौचालय और कमरे के बल्ब होल्डर में मिला खुफिया कैमरा, आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार

चैतन्य भारत न्यूज

महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के दावे भले ही किये जाते हों लेकिन ज्यादातर हकीकत में सच नहीं होते। हाल ही में पुणे से इसका एक उदाहरण सामने आया है। यहां एक महिला डॉक्टर के बॉथरूम से लेकर बेडरूम तक हिडन कैमरे लगाए गए थे। महिला को इस बात की भनक तक नहीं थी। एक दिन जब घर पहुंचने पर घर की लाइट नहीं जली तो महिला डॉक्टर ने इलेक्ट्रीशियन को बुलाया, जिसके बाद हिडन कैमरा का राज खुला। इस मामले की जांच में जुटी पुलिस ने पता लगा लिया, कि आखिर ये हरकत किसने की थी। पुलिस ने लेडी डॉक्टर के घर में खुफिया कैमरे लगाने के आरोप में एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है।

भारतीय विद्यापीठ अस्पताल में कार्यरत महिला डॉक्टर पुणे के कात्रज इलाके में अस्पताल परिसर में ही अलॉट किए गए घर में रहती है। 6 जुलाई को महिला डॉक्टर के घर में किसी अज्ञात शख्स ने डुप्लीकेट चाबी की मदद से ताला खोलकर एंट्री की और बाथरूम और बेडरूम में कैमरे लगा दिए।

महिला डॉक्टर जब काम से घर लौटीं, तो उन्होंने लाइट जलाई तो वो जली नहीं। इसके बाद इलेक्ट्रीशियन को बुलाया गया। इलेक्ट्रीशियन ने घर की वायरिंग चेक की तो छुपे हुए कैमरे पकड़ में आ गए। इसके बाद भारतीय विद्यापीठ पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

पुलिस ने घर पर आकर मुआयना किया और हिडन कैमरे अपने कब्जे में ले लिए। दिलचस्प बात ये है कि गलत इरादे से लगाए गए इन कैमरों में खुद आरोपी डॉक्टर की तस्वीर कैद हो गई थी। शक की सुई MD डॉक्टर सुजीत जगताप थी।

42 साल के इस डॉक्टर को पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन बुलाया गया। पहले तो इस डॉक्टर ने कैमरों के बारे में कुछ भी पता होने से इनकार किया। पुलिस ने जब असलियत दिखाई तो डॉ जगताप ने अपना जुर्म कबूल करते हुए महिला डॉक्टर के बाथरूम और बेडरूम में कैमरे लगाना कबूल कर लिया।

डॉ। जगताप पुणे में अपनी निजी प्रैक्टिस के अलावा भारती विद्यापीठ में कंसल्टिंग लेक्चरर के तौर पर जाते थे। दो और जगह भी उनका ऐसा ही कॉन्ट्रेक्ट है। डॉक्टर जगताप की गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेश किया गया। वहां से उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

इस मामले की जांच कर रहीं इंस्पेक्टर संगीता यादव ने बताया कि आईपीसी की धारा 443 और आईटी एक्ट 2000 की धारा 66 (ई) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

उन्होंने बताया कि जिस तरह कैमरे लगाए गए, उससे ये सवाल उठता है कि क्या आरोपी को पहले से ही घर के अंदर की जानकारी थी। इसके साथ ही आरोपी द्वारा घर की डुप्लीकेट चाबी कैसे बनवाई।

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