बनना है बड़ा आदमी तो इन तीन धारणाओं को दे दीजिए ‘तलाक’

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चैतन्य भारत न्यूज

यदि आप सफल और सुखी जीवन का निर्माण करना चाहते हैं तो हम आपको आज उन तीन धारणाओं के बारे में बता रहे हैं जिन्हें तलाक देकर आप यह सब पा सकते हैं। यह तीन धारणाएं धीरे-धीरे लोगों के जीने का तरीका बन गई हैं, जिन्हें आपको खुद से अलग करने की जरुरत है। आइए जानते हैं-



हमारा भी दिन आएगा

कई लोग अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मेहनत और संघर्ष करने की जगह बस यही इंतजार करते रहते हैं कि ‘एक दिन हमारा भी आएगा’। लेकिन हम आपको बता दें आपका दिन खुद चलकर नहीं आएगा, बल्कि आपको इसे खींचकर अपने पास लाना है। यह आपका जीवन है और इस दिन को लाने की आपकी जिम्मेदारी है। यदि आप अपने भीतर ईमानदारी से झांकेंगे तो आपको अपनी सभी कमियां और शक्तियां खुद ही नजर आ जाएंगी। जब आपको अपनी कमियां नजर आने लगेंगी तो आपको विजय पाने के रास्ते भी खुद-ब-खुद मिल जाएंगे। इसलिए अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आप मेहनत कीजिए और अपने जीवन की जिम्मेदारी भी खुद ही लीजिए।

जितनी चादर, उतने पैर फैलाना

इस धारणा को अपने साथ रखकर आप कभी भी असाधारण या खास व्यक्ति नहीं बन पाएंगे। आप दूसरों से अलग हटकर चलिए क्योंकि जो हर कोई कर रहा है, यदि आप भी वहीं करेंगे तो आपमें और दूसरों में क्या फर्क रह जाएगा। फिर आप भी ‘भीड़’ में शामिल हो जाएंगे। याद रखना भीड़ कभी शिखर पर या मंच पर नहीं होती। भीड़ का न तो कोई नाम होता है और न ही उसकी पहचान होती है। यदि आप भी भीड़ के साथ ही रहना चाहते हैं तो उसी धारा के साथ बहते चले जाएं। लेकिन अगर आप अपने जीवन में कोई खास मुकाम हासिल करना चाहते हैं तो आपको अपना रास्ता खुद बनाना होगा। जब आपको अपना अलग रास्ता मिल जाएगा तो लोग आपका विरोध करना शुरू कर देंगे, आपका मजाक उड़ेगा, आप पर व्यंग्य होगा लेकिन आखिरकार वही लोग आपको सलाम करेंगे।

जितनी गलतियां, उतनी सीख

एक बार गलती करना गलती कहलाती है, लेकिन बार-बार एक ही गलती करना मूर्खता कहलाती है। यदि आप बार-बार एक ही गलती कर रहे हो तो आपकी योजना में, निश्चय में, समर्पण में, सोच में कोई न कोई कमी जरूर है। जिंदगी आपको बार-बार प्रयोग करने का मौका नहीं देती है। बार-बार गलती करने से या बार-बार हार जाने से आपका आत्मविश्वास कम होता जाता है। साथ ही दूसरों को भी आपके ऊपर विश्वास कम हो जाता है। आप यह सोचने पर मजबूर हो जाइये कि आखिर ये गलतियां बार-बार क्यों हो रही हैं? साथ ही आप उस गलती को ठीक करने का प्रयास कीजिए। हर गलती के बाद उसका सही आंकलन करिए, जिससे कि एक सबक निकल सके। उस सबक को लेने की काबिलियत आपके अंदर होनी चाहिए। कई बार लोग गलतियां करने के बाद उसे ढंकने के लिए अनेकों गलतियां करते हैं और ऐसे में वह धीरे-धीरे पूरे ही खत्म हो जाते हैं।

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